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(जम्मू,योगेश):जम्मू कश्मीर से कुल आठ उम्मीदवार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए है जिसके अंतिम परिणाम शुक्रवार रात संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित किए गए थे।
अखिल भारतीय रैंकिंग 187 के साथ राज्य मे शीर्ष पर रही महिला अभ्यर्थी एक छोटे से सीमावर्ती गांव मेंढर, पूंछ की डॉ. रेहाना बशीर रही। डॉ. रेहाना बशीर इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करने वाली गुज्जर समुदाय की पहली महिला बन गई हैं। रेहाना का छोटा भाई अमीर बशीर (एर-843, 2017) एक सेवारत आईआरएस अधिकारी है। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने भाई को दिया है। डॉ. रेहाना बशीर जिले की मेंढर तहसील के दूरदराज गांव सलवा की रहने वाली है जहा युद्धविराम का उल्लंघन के कारण हमेशा गोलों की गूंज सुनाई देती है| दूर-दूर तक पहाड़ ही पहाड़ नजर आते हों। मीलों पैदल चलकर अपनी जिंदगी का सफर तय करना हो और पिता का सहारा न हो। ऐसे में किसी लड़की का आईएएस बन जाना एक मिसाल है। पहाड़ों पर रहने वाली हजारों ऐसी लड़कियां हैं, जिनके लिए रेहाना बशीर एक मिसाल बन गई है।
"मैंने 2017 में भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी, लेकिन तब कामयाबी नहीं मिली। इस साल फिर दी परीक्षा में कामयाब हुई हूं। मेरी मां और भाई ने मेरा बहुत साथ दिया है। उनकी बदौलत ही यह संभव हो पाया है। वैसे तो सर्विस किसी विशेष क्षेत्र के लिए नहीं है। लेकिन फिर भी, अगर मुझे मौका मिला या ऐसा संभव हो पाया तो एक बार अपने जिले की डिप्टी कमिशनर बनकर जाना चाहूंगी ताकि वहां के लोगों की कुछ सेवा करने का मौका मिल सके," डॉ. रेहाना बशीर
जम्मू के आरएस पुरा के अभिषेक अगस्त्या रैंक 268 के साथ लड़कों के बीच अव्वल आए हैं। इसके बाद राजिंदर बाजार जम्मू के निवासी और 2018 बैच के कशमीर प्रशासनिक सेवाएं अधिकारी, सनी गुप्ता (एआईआर 320) हैं। उनके बाद हरविंदर सिंह ( 335) और बाबर अली (364) हैं। हरविंदर सीमावर्ती जम्मू के आर एस पुरा से है और उधमपुर के पीएमजीएसवाई में सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत है वही बाबर रियासी के माहोरे-गुलाबघर गाँव से आते है। बाबर ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय उधमपुर से पूरी की है और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक किया है।
अगली पंक्ति में कठुआ के गोकुल महाजन हैं जिन्होंने पुराने रैंकिंग में सुधार कर इस बार 373 हासिल किया जबकि पिछले साल गोकुल का रैंक 564 था।
देवहुति (एर 668) और अंकुश भगत (एर 730) हैं। देवहुति जम्मू शहर से संबंधित है और उसने जम्मू विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली है, जबकि अंकुश जम्मू के अखनूर से आते हैं। दिलचस्प बात यह है कि सूची में कश्मीर का कोई भी उम्मीदवार सामने नहीं आया है।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर के उन उम्मीदवारों को बधाई दी है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा प्रतियोगिता 2018 को उत्तीर्ण किया है। सफल उम्मीदवारों को बधाई संदेश में, राज्यपाल ने उनकी कड़ी मेहनत और उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य के सभी प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनसे आग्रह किया है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें और लोगों के कल्याण के लिए निस्वार्थ भाव से काम करें। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता राज्य में युवा पीढ़ी को देश की प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए सही मायनों में प्रेरित करने के लिए प्रेरित करेगी। राज्यपाल ने इन सफल उम्मीदवारों के परिवारों और माता-पिता को भी हार्दिक बधाई दी है।
Published on:
06 Apr 2019 11:27 pm
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