जम्मू. जम्मू-कश्मीर श्री काशी विद्वत परिषद के स्थापना दिवस को जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संबोधित किया। सिन्हा ने कहा कि यह संगठन प्राचीन मूल्यों, गौरवशाली और समृद्ध समग्र संस्कृति को बढ़ावा देने, ज्ञान प्रणाली को समृद्ध करने के लिए संस्कृत के प्रचार और विकास के लिए समर्पित है।
संस्कृत हमारी महान सभ्यता के आदर्शों, मूल्यों का स्रोत है और इसमें आधुनिक चुनौतियों का समाधान प्रदान करने की क्षमता है। जैसे अथर्ववेद की पारिस्थितिक संतुलन, पर्यावरण की रक्षा, प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने की शिक्षा। परिषद को इन प्रयासों को और मजबूत करना होगा।
अमृत काल भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का काल है। पूरी दुनिया हमें देख रही है. प्रत्येक नागरिक को इस यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस करना चाहिए। हममें से प्रत्येक को योगदान देने का समान अवसर है ताकि हमारा महान देश ‘विश्व गुरु’ के अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त कर सके।