
पाकिस्तानी हवा भी निभा रही दुश्मनी, जम्मू-कश्मीर में बढ़ी लोगों की मुश्किल
(जम्मू): जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नवम्बर के महीने में लगातार पश्चिमी हवाओं का प्रभाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और बर्फबारी ने घाटी में 60 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है। नवंबर के महीने में सामान्य से 300 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है। वहीं बुधवार रात से जम्मू संभाग में हुई ओलावृष्टि ने ठंड और भी बढ़ा दी है।
पाकिस्तान से आई हवा
मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार, पश्चिमी हवाओं और अरब सागर में उठे महा साइक्लोन के मिलाप के कारण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी बारिश और बर्फबारी हुई है। इसका प्रभाव हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी पड़ा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह हवाएं उत्तरी पाकिस्तान से आई हैं। इस कारण से प्रदेश में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है।
उत्तरी राज्यों में हुई बर्फबारी ने राजस्थान को जद में लिया
भारत के इन उत्तरी राज्यों में हो रही बर्फबारी ने पश्चिमी भारत के राज्यों में भी सर्दी बढ़ा दी है। पंजाब और राजस्थान में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई है। एकाएक बढ़ी सर्दी ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से मौसम में सुधार होने की संभावना व्यक्त की है।
इधर रामबन के विभिन्न हिस्सों में बुधवार शाम के समय से तेज बारिश के दौरान पहाड़ रामसू में पत्थर गिरने और जवाहर टनल के बाहर बर्फबारी शुरू होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग को शाम छह बजे वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। गुरुवार को भी आवागमन बाधित रह। रोके जाने के बाद रामबन और उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। बुधवार देर रात हुई बारिश और ओलावृष्टि के चलते उधमपुर के जखैनी, संगूर, रठियान, बट्टलबालियां, गरनई, मांड, टिकरी में ट्रकों को रोका गया है। राजमार्ग पर ट्रकों की लंबी कतार नजर आ रही हैं। वहीं रोके जाने के बाद यात्रियों व चालकों की परेशानियां भी बढ़ गई है। सभी रास्ता फिर से खुलने का इंतजार कर रहे है। मौसम में सुधार होने पर राजमार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा।
Updated on:
28 Nov 2019 08:09 pm
Published on:
28 Nov 2019 07:55 pm
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