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शहादत को सलाम: शहीद औरंगजेब के दो भाई सेना में भर्ती

Martyr Aurangzeb: भाई की शहादत को सलाम करते हुए भारतीय सेना ( Indian Army ) के शहीद जवान औरंगजेब ( Martyr Aurangzeb ) के दो भाई भारतीय सेना में शामिल हो गए हैं। जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir ) के पुंछ जिले के सीमावर्ती सलोनी गांव के

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जम्मू

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Nitin Bhal

Jul 22, 2019

Marytr auranzeb's brothers joined army

शहादत को सलाम: शहीद औरंगजेब के दो भाई सेना में भर्ती

जम्मू (योगेश) . भाई की शहादत को सलाम करते हुए भारतीय सेना (Indian army ) के शहीद जवान औरंगजेब ( Martyr Aurangzeb ) के दो भाई भारतीय सेना में शामिल हो गए हैं। जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir ) के पुंछ जिले के सीमावर्ती सलोनी गांव के निवासी मोहम्मद तारिक (22) और मोहम्मद शबीर (18) शहीद औरंगजेब के सगे भाई हैं। औरंगजेब को उनकी बहादुरी के लिए शौर्य चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया था।

जून 2018 में की हत्या

जून 2018 में औरंगजेब की हत्या के मामले में एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में आतंकियों और सेना के जवान औरंगजेब के बीच बातचीत को साफ सुना जा सकता है। वीडियो में आतंकियों ने औरंगजेब को एक पेड़ के नीचे बैठा रखा है और उससे सवाल पूछ रहे हैं। वीडियो में किसी आतंकी का चेहरा तो नहीं दिख रहा है लेकिन औरंगजेब के साथ हुई बातचीत में आतंकी की आवाज एकदम साफ सुनाई दे रही है। इस वीडियो में आतंकियों ने राइफलमैन औरंगजेब से उसके पिता का नाम, घर और किसी एनकाउंटर के दौरान उसके शामिल होने को लेकर सवाल पूछे। वीडियो में आतंकी राइफलमैन औरंगजेब से पूछते दिख रहे हैं कि क्या वह मेजर शुक्ला की टीम में शामिल था? आपको बता दें कि मेजर शुक्ला की टीम ने ही आतंकी समीर टाइगर का एनकाउंटर किया था।

पूरा परिवार सेना और देश को समर्पित

औरंगजेब के दोनों भाई मार्च के महीने में सुरनकोट पुंछ में आयोजित प्रादेशिक सेना की भर्ती रैली में शामिल हुए थे। जिसमें ग्यारह हजार युवाओं ने भाग लिया। दोनों भाई पंजाब रेजिमेंट प्रादेशिक सेना इकाई में भर्ती हुए हैं। शहीद राइफलमैन औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ, जो जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के पूर्व सिपाही हैं ने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरे दो बेटे भी देश की सेवा करने के लिए परिवार की परंपरा का पालन करते हैं। हनीफ के बड़े बेटे मोहम्मद कासिम आर्मी में हैं और अब दो छोटे बेटे भी सशस्त्र बलों में शामिल हो गए हैं। उनका छोटा बेटा भी सेना में शामिल होना चाहता है।