18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जम्मू-कश्मीर आतंकी साजिश मामले में आठ जगहों पर छापेमारी

एनआईए की टीमों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के सात जिलों पुंछ, शोपियां, पुलवामा, बारामुला, गांदरबल, कुपवाड़ा और श्रीनगर में आठ स्थानों पर छापेमारी की।

2 min read
Google source verification
जम्मू-कश्मीर आतंकी साजिश मामले में आठ जगहों पर छापेमारी

NIA Office File Photo

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तोइबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल-बद्र और अल-कायदा की शाखाओं की ओर से रची तथा संचालित की गई आतंकी साजिश के सिलसिले में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर छापेमारी की।

एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि आज जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, वे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के नवगठित सहयोगियों और शाखाओं से जुड़े ‘हाइब्रिड’ आतंकवादियों और ‘ओवरग्राउंड’ वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के आवासीय परिसर थे।

इन नवगठित संगठनों के कैडरों और समर्थकों के परिसरों पर भी व्यापक तलाशी ली गई, जिनमें द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाइगर्स, पीएएएफ, सहित अन्य संगठन शामिल थे।

प्रवक्ता ने कहा,“छापेमारी में एनआईए द्वारा बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डेटा और दस्तावेजों वाले कई डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया, जो हिंसक आतंकवादी हमलों और गतिविधियों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को अस्थिर करने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की हाल ही में शुरू की गई शाखाओं की ओर से साजिश रची गयी थी। एनआईए मामले की जांच कर रही है।”

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में आतंक, हिंसा और तोड़फोड़ फैलाने के लिए चिपचिपे बम/चुंबकीय बम, आईईडी, फंड, मादक पदार्थ और हथियार/गोला-बारूद के संग्रह और वितरण में नए संगठनों के कैडरों, ओजीडब्ल्यू और अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की जांच के लिए जून 2022 में जम्मू में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था।”

एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि पाक स्थित आतंकवादी आतंक को बढ़ावा देने के लिए कश्मीर घाटी में उनके गुर्गों और कैडरों के जरिये सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहे थे तथा हथियार/गोला-बारूद, विस्फोटक, नशीले पदार्थ आदि पहुंचाने के लिए ड्रोन का भी उपयोग कर रहे थे।

ये गतिविधियाँ पाकिस्तान में अपने आकाओं द्वारा समर्थित प्रतिबंधित संगठनों द्वारा रची गई आतंकी साजिश के हिस्से के रूप में की जा रही थीं। इस साजिश में जम्मू-कश्मीर में हिंसक और विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और ओजीडब्ल्यू को संगठित करना भी शामिल था।