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कल रवाना होगा अमरनाथ श्रद्धालुओं का पहला जत्‍था,थ्री लेयर सिक्‍योरिटी के साथ होगी यह विशेष व्यवस्थाएं

अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्‍था बुधवार की सुबह जम्‍मू से बालटाल और बेस कैंप के लिए रवाना होगा...

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amarnath yatra

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योगेश कुमार की रिपोर्ट...

(जम्मू-कश्मीर) अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था बुधवार की सुबह जम्मू से बालटाल और बेस कैंप के लिए रवाना होगा। जम्मू से करीब 400 किलोमीटर की यात्रा कर बालटाल पहुंचने वाले इस पहले जत्थे में 1560 श्रद्धालु शामिल हैं। करीब 60 दिनों की इस यात्रा में ढाई लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे।


रक्षा मंत्री ने लिया सुरक्षा इंतजामों का जायजा

अमरनाथ यात्रा को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद घाटी पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। गृह मंत्रालय ने यात्रा मार्ग में जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर 60 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की है। पहली बार अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक खास पहरेदार ड्रोन कैमरा की तैयारी की है। जम्मू से कैंप के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं के हर जत्थे के साथ करीब 15 बटालियन फोर्स और 90 ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे।


ड्रोन में है सुरक्षा के खास फीचर,इस तरह से करेगा काम

उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू और श्रीनगर से रवाना होने वाले हर जत्थे में श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर 10 से 15 बटालियन फोर्स को तैनात किया जाएगा। जिसमें हर बटालियन को 5 से 6 ड्रोन कैमरे दिए गए हैं। एक जत्थे के साथ करीब 50 से 90 ड्रोन कैमरे उपलब्ध होंगे। सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ड्रोन कैमरों में एक खास फीचर इंस्टाल किया गया है। जिसके तहत ड्रोन यात्रा मार्ग पर दो भागों में विभाजित करेगा। पहला भाग ग्रीन जोन और दूसरा हिस्सा रेड जोन होगा। श्रद्धालुओं को ग्रीन जोन के दायरे में रखा जाएगा।


थ्री लेयर सिक्‍योरिटी सिस्टम तैयार,साथ में मोटरसाइकिल एम्बुलेंस

वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा की थ्री लेयर सिक्योरिटी तैयार की गई है। पहले लेयर में सेना के कमांडो को तैनात किया गया है। सेना के कमांडो की जिम्मेदारी जंगल की तरफ से आने वाले आतंकियों को यात्रा मार्ग की तरफ जाने से रोके और उन्हें जंगल के भीतर ही खत्म कर दें। दूसरे लेयर पर जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान होंगे और तीसरा लेयर और सबसे आंतरिक लेयर सेंट्रल आर्म्‍ड पुलिस फोर्स के कमांडोज के जिम्मे होगा। सीआरपीएफ ने एक विशेष मोटरसाइकिल स्क्वॉड बनाई है। मेडिकल सुविधाओं से लैस ये मोटरसाइकिल मिनी एम्बुलेंस के तौर पर भी उपयोग में ली जा सकेगी।