भागलपुर। जिला शिक्षा परियोजना के ऑडिट में आठ करोड़ रुपये गबन का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्कूल भवन निर्माण के नाम पर आठ करोड़ का गबन किया गया। शिक्षा परियोजना ने अपने आडिट में यह पाया कि दी गई राशि से कोई काम नहीं हुआ है और खाते से रुपए गायब हैं।
जानकारी के अनुसार 2005 से 2014 के बीच भवन निर्माण से लेकर शौचालय निर्माण तक दी गई राशि को स्कूलों ने निगल लिया है। परियोजना ने फिलहाल ऐसे 15 स्कूलों को चिह्नित कर उसके हेडमास्टर पर प्रपत्र क गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
31 स्कूलों में शौचालय बनाए जाने थे। निर्माण मद में एक करोड़ 53 लाख रुपए निकाल लिए गए लेकिन काम शुरू नहीं किया गया। 20 नए स्कूलों के भवन के नाम पर एक करोड़ 84 लाख रुपए का गबन हुआ है। 15 स्कूलों ने 77.94 लाख रुपए निकाल कर स्कूलों में निर्माण का कोई काम नहीं किया। 24 हेडमास्टर कमरे के 53 लाख और अतिरिक्त वर्ग कक्ष के 4 करोड़ रुपए निकाल लिये।
डीपीओ एसएसए नसीम अहमद ने बताया कि समीक्षा और आडिट के दौरान आठ करोड़ का हिसाब नहीं मिला है। इनमें अलग-अलग मदों में स्कूलों को पैसे दिए गए थे। भवन निर्माण, अतिरिक्त कमरा और शौचालय बनाना था। लेकिन न शौचालय बने और न ही भवन। ऐसे स्कूलों के प्रधान पर पहले प्रपत्र क गठित होगा, फिर एफआईआर की जाएगी।
डीपीओ ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी विकास कोष, विद्यालय अनुदान व रखरखाव की राशि का कोई पता नहीं है। स्कूलों ने इसका हिसाब नहीं दिया है। 30 सितंबर के बाद ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई होगी। डीपीओ ने इस मामले में अभियंताओं को भी कड़ी फटकार लगायी।