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सामूहिक विवाह : एक-दूजे के हुए 117 जोड़े , सुख हो या दुख जीवन भर साथ निभाने की खाईं कस्में

- 115 जोड़ों का हिन्दू रीति रिवाज से और दो जोड़ो का ईसाई रीति रिवाज से किया गया विवाह
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 26 Mar 2018, 3:03 PM IST

सामूहिक विवाह : एक-दूजे के  हुए 117 जोड़े  , सुख हो या दुख जीवन भर साथ निभाने की खाईं कस्में

जांजगीर-चांपा. मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के तहत रविवार को पामगढ़़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कुटराबोड़ के स्कूल परिसर में 117 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इनमे 115 जोड़ों का हिन्दू रीति रिवाज से और दो जोड़ो का ईसाई रीति रिवाज से विवाह किया गया।

छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे, जिला पंचायत के सदस्य एवं महिला बाल विकास समित के सभापति सुशांत सिंह, तुलसी साहू, कल्याणी साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रदीप सोनी और दिनेश सिंह ने नवदंपत्तियों को सुखद गृहस्थ जीवन के लिए शुभकामनाए दी एवं शासन की योजना के तहत उपहार प्रदान किया।

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संसदीय सचिव जांंगड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब परिवार की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी ली है। यह एक महत्वपूर्ण योजना है। शासन की की योजना के तहत विवाह में पंडाल परिवहन परिधान पूजा उपहार आदि की व्यवस्था की जाती है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति खोखर चखियार, जनपद सदस्य कृष्णा देवी साहू, एसडीएम अजय लकड़ा, जनपद सीईओ रिशा ठाकुर सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

नहीं बुलाया क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को
महिला बाल विकास अधिकारी मीरा घाटगे के द्वारा क्षेत्र के सरपंच जनपद सदस्य जिला पंचायत सदस्य जनपद अध्यक्ष सहित क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया। सिर्फ भाजपा के जनप्रतिनिधि को ही कार्यक्रम के लिए बुलाया गया था। यहां तक ग्राम पंचायत कुंवरपुर के सरपंच सरोजिनी मानिकपुरी को भी नहीं बुलाया गया था। जिससे जनप्रतिनिधियों का कहना है कि महिला बाल विकास अधिकारी मीरा घाडगे के द्वारा हमेशा मनमानी की जाती है मीरा घाडगे किसी भी जनप्रतिनिधि की बात नहीं सुनती है।

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