8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किसान सम्मान निधि: प्रदेश में सबसे ज्यादा जिले के 2.65 लाख अपात्र किसान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में सेंध लगाने के मामले में जांजगीर-चांपा जिला प्रदेश में आगे है। यहां पंजीकृत 5 लाख 4 हजार 893किसानों से से 2 लाख65 किसान अपात्र निकले हैंं। दूसरे नंबर में महासमुंद जिला है जहां 1 लाख 81 हजार पंजीकृत किसान अपात्र निकले हैं। पूरे प्रदेश में अपात्र किसानों की संख्या साढ़े दस लाख से ऊपर हैं।

2 min read
Google source verification
किसान सम्मान निधि: प्रदेश में सबसे ज्यादा जिले के 2.65  लाख अपात्र किसान

किसान सम्मान निधि: प्रदेश में सबसे ज्यादा जिले के 2.65 लाख अपात्र किसान

जांजगीर-चांपा. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में फर्जी पंजीयन की शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश में पंजीकृत किसानों का नए सिरे से सत्यापन हो रहा है। किसानों को ई-केवाईसी (आधार कार्ड, पेनकार्ड, बैंक डिटेल्स का ऑनलाइन वेरिफिकेशन) किया जा रहा है। इसमें फर्जी किसानों का खुलासा हो रहा है। जांच में अब तक पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा अपात्र किसान जांजगीर-चांपा जिले से मिले हैं। यहां 2 लाख 65 हजार 714 किसानों ने ईकेवाईसी नहीं कराया। ऐसे में विभाग इन्हें अपात्र मान रहा है। इनमें 4886 किसान टैक्स पेयर हैं यानी बड़े किसान हैं । अपात्र निकले खातों में पीएम सम्मान निधि की किस्त होल्ड कर दी गई है।
कई किसानों के नाम-पता, गांव तक फर्जी
ईकेवाईसी नहीं कराने वाले किसानों की कुंडली खंगालने के बाद कृषि विभाग के अफसरों को भी दिन में तारे नजर आ रहे हैं। अपात्र मिले हजारों किसान ऐसे हैं जिस नाम, पता से लेकर गांव, ब्लॉक में उस नाम के किसान नहीं है। इतना ही नहीं जिस व्यक्ति के नाम पर एक इंच जमीन नहीं है उसका पंजीयन किसान के रुप में हुआ है। योजना के तहत हर साल तीन किस्त में 6 हजार रुपए किसान के खाते में आते हैं। अब इनसे वसूली करने केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं मगर जिन किसानों के नाम-पता तक पता नहीं है उससे रिकवरी लोहे के चने चबाने जैसा हो गया है।
इस तरह से हुआ है फर्जीवाड़ा
पीएम सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसे 2019 में इसे शुरु किया गया। पंजीयन के लिए सीएससी को अधिकृत किया गया। यहां से ही गड़बड़ी हुई। गांव-गांव में दलालों ने घूमकर बड़ी संख्या में अपात्रों का पंजीयन कर दिया गया। यहां तक दूसरे जिले में आकर दूसरे जिले के सीएससी के आईडी से पंजीयन हुआ है। योजना में जब फजीवाड़ा का मामला सुर्खियों में आया तब केंद्र सरकार ने पिछले साल से नए सिरे से सत्यापन कराना शुरु किया। ईकेवाईसी कराया और अपात्रों के खाते में राशि होल्ड कर दी गई। अब ईकेवाईह्यसी हो चुके किसानों के खाते में ही किस्त आ रही है।
अपात्र किसान वाले टॉप ५ जिले
जिला अपात्र किसान
जांजगीर-चांपा 265714
महासमुंद 181733
राजनांदगांव 117541
गरियाबंद 100145
रायगढ़ 92267
(आंकड़े 17 सितंबर2022 तक की स्थिति में )

पीएम किसान सम्मान निधि में पंजीकृत किसानों के द्वारा ईकेवाईसी कराई जा रही है। इनमें 2 लाख 35 हजार के करीब किसानों ने अब तक ईकेवाईसी नहीं कराया है। ऐसे में इन्हें अपात्र की श्रेणी में रखा गया है और इनके खातों में अगली किस्त पर रोक लगा दी गई है। अपात्रों से रिकवरी के लिए नोटिस जारी कर रहे हैं।
एमआर तिग्गा, कृषि उपसंचालक जांजगीर-चांपा