
34 चिटफंड कंपनियों ने डेढ़ लाख निवेषकों के दबाए ढाई अरब रुपए
जांजगीर-चांपा. जिले में चिटफंड का कारोबार २००३ से लेकर २०१८ तक यानी १५ सालों में २ अरब ६४ करोड़ ५८ लाख रुपए से भी अधिक का कारोबार किया है। चंद दिनों में धन दुगुना करने के झांसे में आकर जिले के डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने अरबों रुपए गवां बैठे। निवेषकों को अब तक न तो रकम मिल पा रही है और न ही न्याय। नई सरकार से बस उन्हें आस जगी है कि बहुत जल्द उन्हें राहत मिल जाएगी। लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन मिलते आ रहा है। इधर पुलिस चिटफंडियों के खिलाफ धारा ४२० के तहत जुर्म दर्ज कर अपनी फाइल निपटाने में ही जुटी हुई है। फरारी काट रहे आरोपियों की तलाश करने में लगी हुई है। जो फाइल पेंडिंग है उसका निराकरण कैसे हो इस बात की चिंता पुलिस कर रही है। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बीते एक दशक के भीतर जिले में चिटफंड का कारोबार सिर चढ़कर बोला। चंद दिनों में रकम दुगुनी होने के झांसे में आकर जिले के लाखों लोगों ने तीन दर्जन चिटफंड कंपनियों के झांसे में आए। कोई लाखों रुपए गवां बैठा तो कोई करोड़ो। चिटफंड का जाल बिछाने के लिए देश स्तर के व्यवसायी यहां कूच किए और अपना कारोबार कर चलते बने। खास बात यह रही कि एक दशक तक जिले में दर्जनों पावर प्लांट खुले। लोगों के पास करोड़ो रुपए था। लोगों ने समझा की उनकी रकम और भी दुगुनी हो जाएगी, और यहीं निवेष कर बैठे, लेकिन उल्टे झांसे में आकर पूरी उम्र की कमाई गवां बैठे। अब तक न तो उनकी रकम वापस हो रही है और न ही किसी तरह की उम्मीद जगी है।
३४ कंपनियों ने फैलाया जाल
जिले में सांईं प्रसाद, सांई फूड, कोलकाता वेयर, प्रतिष्ठा गु्रप एंड कंपनी सहित ३४ कंपनियों ने जिले के एक लाख ४५ हजार ८०० निवेषकों से दो अरब, ६४ करोड़ ५८ लाख, ५७ हजार रुपए का निवेष कराया है। इतनी भारी भरकम राशि में कुछ लोगों का रकम वापस हो रहा है तो कुछ लोग केवल आश लगाए बैठे हैं कि नई सरकार इस विषय में कुछ पहल कर रही है। लेकिन उनका रकम वापस होते नहीं दिख रही है।
१६ प्रकरण लंबित, १८ प्रकरण कोर्ट में
जिले में चिटफंड के ३४ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जिसमें १८ प्रकरण में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। वहीं १२ प्रकरणों में विवेचना जारी है। चार प्रकरण में पुलिस खुद उलझी हुई है। क्योंकि इन मामलों में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल पाने के कारण मामला लंबित है। पीडि़त है तो आरोपी फरार है। इस तरह कई तरह की दिक्कतें है। जिससे पुलिस चार प्रकरण में खुद उलझी हुई है। वहीं तीन प्रकरणों में आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है।
सर्वाधिक रकम चांपा से निकले
जिले में सबसे अधिक रकम निवेष चांपा इलाके में हुआ है। केवल चांपा में चिटफंड में लोगों ने ३० करोड़ रुपए गंवाए हैं। सबसे अधिक काला कारोबार इसी थाने में हुआ है। इतना ही नहीं चिटफंड के एक दर्जन से अधिक मामले चांपा थाने में दर्ज हुआ है। चांपा के केवीसी बिल्डिंग में तो तीन से चार कंपनियों का दफ्तर था और बाकायदा यहीं करोड़ो का कारोबार होता था। पुलिस ने जब सिलसिलेवार जुर्म दर्ज करने की कार्रवाई की तो कई कंपनियां यहां से रातों रात फरार होते गई।
- पारुल माथुर, एसपी जांजगीर-चांपा
फैक्ट फाइल
थाना १९
चिटफंड के प्रकरण ३४
मामलों की जांच पूरी १८
पेंडिंग १४
प्रकरणों में सजा ०३
निवेषकों की संख्या १४५८००
निवेष की रकम २६४५८५७८५९
Published on:
27 Feb 2019 05:54 pm
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