
चांपा. चांपा से लगभग दस किलो मीटर दूर ग्राम पंचायत अफरीद के आश्रित ग्राम मुड़पार में गत तीन अप्रैल को आदिवासी परिवार मे रामसिंह गोड़ की पत्नी नीरा गोड़ ने सुबह साढ़े चार बजे के लगभग एक कन्या को जन्म दिया पहले से ही चार कन्या के माता-पिता पांचवी कन्या के जन्म होने पर हताश और निराश हो गए थे। कन्या की माता ने कन्या को न अपनाने तथा किसी दूसरे को दे देने की जिद्द पकड़ ली थी।
जब यह खबर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चांपा की सहसंयोजक संगीता पांडे को मिली तो वह तुरंत सरपंच लता रामेश्वर राठौर के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ महिला कार्यकर्ता कुसुम देवी पांडे मितानिन ज्योति सूर्यवंशी, राही कर्ष , शुकवारा बाई, रेखा पांडे तथा डॉ. अतुल राठौर से संपर्क करके उक्त आदिवासी परिवार की तुरंत आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी और उस परिवार को शासन से मिलने वाली हर योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।
उक्त आदिवासी परिवार के पास रहने के लिए टूटी-फूटी कच्ची झोपड़ी के अलावा कुछ नहीं भी नहीं है यहां तक कि उसके पास राशन कार्ड तक नहीं है ऐसी दयनीय स्थिति में पांच-पांच कन्याओं का क्रमश: राधा छ: वर्ष, तुलसी पांच वर्ष, आरती तीन वर्ष, खुशी डेढ़ वर्ष और नवजात कन्या रिद्धि का पालन पोषण करना उस परिवार के लिए बहुत कठिन है
उसकी दयनीय हालत देखकर संगीता पांडे के अनुरोध पर फिलहाल चांपा के डाक्टर अतुल राठौर ने नवजात कन्या और उसकी माता के लिए आवश्यक दवाई आदि का निशुल्क प्रबंध कर दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की सहसंयोजक संगीता पांडे ने शासन के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि उक्त आदिवासी परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाकर उसके जीवन यापन की स्थाई व्यवस्था शीघ्र करे। योजनाओं का लाभ मिलने से आदिवासी परिवार के सामने आने वाली रोजी-रोटी की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
Published on:
05 Apr 2018 07:07 pm
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