जांजगीर-चांपा. नगरपालिका जांजगीर में ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन योजना का मूर्त रूप देने के लिए साल भर पहले तीन एसएलआरएम सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता की वजह से एक भी सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। नतीजतन शहर का कचरा शहर के बीच फायर स्टेशन में डंप किया जा रहा है। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि फायर स्टेशन में साफ सुथरा कचरे को रखा गया है। शेष कचरा को एसएलआरएम सेंटर में ही बहुत जल्द डंप किया जाएगा और कचरे का सदुपयोग किया जाएगा।
आम के आम गुठलियों के दाम इस कहावत को ध्यान में रखते हुए सरकार अब कचरे को भी इक_ा कर उसकी रिसाइक्लिंग कर उसके सही इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। इसके लिए एसएलआरएम सेंटर का निर्माण कर कचरे की बिक्री करना था, पर नगरपालिका जांजगीर नैला के जिम्मेदार अफसर योजना को मूर्त रूप देने रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
Read More : जब कर्मचारी ने कहा… चुनाव प्रशिक्षण के नाम पर इस तरह कर्मचारियों को परेशान ना करो साहब

दो साल पहले ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत शहर में चार एसएलआरएम सेंटर खोलने की योजना बनाई गई थी। नगरपालिका ने जैसे-तैसे कर दो साल में मात्र एक एसएलआरएम सेंटर बना पाई है। शेष एसएलआरएम सेंटर के लिए अब तक एक र्इंट भी नहीं रखी जा सकी है। दिलचस्प बात यह है कि जो एसएलआरएम सेंटर बन चुका है उसमें भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। नतीजतन शहर का कचरा अब भी यत्र तत्र डंप किया जा रहा है। जबकि काफी हद तक शहर का कचरा फायर स्टेशन में दिखाई पड़ रहा है।
– चार में से एक एसएलआरएम सेंटर पूरी तरह से बनकर तैयार है। दो सेंटर निर्माणाधीन है। वार्ड नंबर 25 श्रम विभाग के पीछे के एसएलआरएम सेंटर में काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है- सुशील शर्मा, सीएमओ