
यूक्रेन के बंकर में फंसे जिले के दो छात्र
जांजगर-चांपा। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जिले से दर्जन से अधिक छात्र गए हुए हैं। इसी बीच रूस व यूक्रेन के युद्ध की सुगबुगाहट शुरू हुई। इस दौरान कई छात्र तो अपने घर पहुंच गए। जिले से कई छात्र अभी भी रूसी-यूक्रेन महायुद्ध के बीच फंसे हुए है। यूक्रेन के खारकीव में फंसे जिले के हाथीटिकरा निवासी साहिल साहू ने पत्रिका को बताया कि रविवार को तो स्थिति बहुत क्रिटिकल है। रूसी सेना हॉस्टल से मात्र २०० मीटर दूर फंसे है। साथ ही हॉस्टल के आसपास बमबारी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा पौलेड व रोमानिया बार्डर में पहुंचने की बात कही गई है। वहां भारत लाने की बात कही जा रही है। लेकिन वहां भी स्थिति ठीक नहीं है। वहां कई लोग माइनस ५ डिग्री में दो रात गुजार चुके है। साथ ही वहां खाना पीने का अच्छा व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में वहां जाना भी ठीक नहीं लग रहा है। इससे अच्छा तो हॉस्टल में ही रहना है, यहां जो कम से कम खाना-पीना सही मिल रहा है। जिले के आधा दर्जन छात्र यूक्रेन के खारकीव में दशहत के साए में दिन गुजार रहे है। यहां से सही सलामत निकलने का अभी कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। अगर युद्ध समाप्त हो जाएगा तभी राहत की सांस लेेंगे। युद्ध समाप्त होने का ही इंतजार कर रहे है। कई छात्र तो वहां का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर वहां की स्थिति को बयां कर रोने लगे है। कह रहे है कि यहां माता-पिता जैसे देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इधर परिजनों का रो-रोकर बुरा हो रहा है। छात्रों के माता-पिता टीवी के सामने पल-पल की न्यूज देखने के साथ ईश्वर से बच्चों के सुरक्षित लौटने के लिए दुआ कर रहे है। उनकी भारत सरकार द्वारा छात्रों को वापस लाने के लिए किए इंतजामों पर टिकी है।
अब तक किसी अफसर व जनप्रतिनिधियों का नहीं आया फोन
जिले के कलेक्टर से लेकर किसी अफसर व जनप्रतिनिधियों का हाल-चाल जानने के लिए फोन तक यूक्रेन में फंसे छात्र के पास नहीं किया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर व नेता को उनकी कोई फिक्र ही नहीं है। छात्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री से लेकर जिले के कई मंत्री को ट्वीट कर चुका है। अब तक ट्वीट का कोई रिप्लाई नहीं दिया गया है।
एक दूसरे का बढ़ा रहे हौसला
यूक्रेन में फंसे छात्र अपने माता-पिता को वीडियो भेजकर एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे है। वहीं माता-पिता ईश्वर पर भरोसा रखने की बात कह रहे है। स्थानीय प्रशासन का उसके बेटों पर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से उसमें आक्रोश भी पनप रहा है।
Published on:
28 Feb 2022 12:51 pm
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