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प्रशासन की ढुलमूल रवैया से परेशान सेमरा के ग्रामीण करेंगे चुनाव का बहिष्कार

जिला मुख्यालय से महज 18 किलोमीटर की दूरी पर बसा गांव सेमरा विगत कई माह से अतिक्रमण से परेशान हैं ।

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प्रशासन की ढुलमूल रवैया से परेशान सेमरा के ग्रामीण करेंगे चुनाव का बहिष्कार

प्रशासन की ढुलमूल रवैया से परेशान सेमरा के ग्रामीण करेंगे चुनाव का बहिष्कार

जांजगीर चांपा. विधानसभा के अंतर्गत आने वाले गांव सेमरा के ग्रामीण विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय से महज 18 किलोमीटर की दूरी पर बसा गांव सेमरा विगत कई माह से अतिक्रमण से परेशान हैं । इस संबंध में दो अगस्त को तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर को पत्र लिखकर निवेदन किया गया था कि गांव में मवेशियों के लिए चारागाह नहीं है सभी जगह अतिक्रमण कर लिया गया है।

तहसीलदार नवागढ़ ने अतिक्रमणकारियों के नाम मंगाने के लिए पटवारी को निर्देशित किया था साथ ही सरपंच ग्राम पंचायत सेमरा से भी प्रस्ताव मांगा था सरपंच एवं पटवारी द्वारा चाही गई जानकारी देने के पश्चात कार्रवाई के लिए आश्वासन दिया गया था परंतु कार्रवाई नहीं हो पाई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम करने का निश्चय किया, जिसकी सूचना कलेक्टर सहित समस्त संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी।

इस बीच बलराम दास टंडन व अटल का निधन हो जाने के कारण ग्रामीणों ने चक्काजाम निरस्त कर दिया था एवं मौखिक में अधिकारियों से बार-बार चारागाह के लिए निवेदन किया था जिसे अधिकारियों द्वारा अनसुना कर दिया गया था। 17 सितंबर को पुन: आवेदन दिया गया जिसमें दिनांक 25 सितंबर को ग्राम सेमरा में चक्काजाम करने की सूचना दी गई थी साथ ही अतिक्रमण ना हटने की स्थिति में आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने की बात कही गई थी।

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25 सितंबर को अधिकारियों के द्वारा मांग नहीं माने जाने पर 6 घंटे तक चक्काजाम किया गया, जिसमें देर से आये अधिकारियों ने दो दिन में अतिक्रमण हटाने की बात कही थी हालांकि 28 सितंबर को अधिकारी आए परंतु अतिक्रमण नहीं हटा सके। उन्हें अतिक्रमणकारियों द्वारा भगा दिया गया। बाद में ग्रामीणों के दबाव में पुन: प्रकरण बनाकर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया है लेकिन आज पर्यंत अतिक्रमण नहीं हट पाया है वहीं चार अगस्त के बाद से अब तक मवेशी घरों में बंधे हुए हैं जिनकी हालत बहुत नाजुक हो गई है कईयों के मवेशी मर भी गए हैं। ऐसे में सेमरा के ग्रामीणों के समक्ष अब चुनाव बहिष्कार के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचा है इस संबंध में कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक को सूचना दिया जा चुका है।