
जांजगीर-चांपा. जिले में संचालित जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर का हाल बेहाल है। यहां शासन की तरफ से बजट तो पर्याप्त दिया जाता है, लेकिन सेंटर में बैठे बाबू व अन्य पदाधिकारियों के बंदरबांट से बजट का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। सबसे खराब हालत यहां रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं की है। इन लोगों को यहां रहने, खाने, पीने की व्यवस्था दी जानी है, लेकिन 45 छात्राओं के बीच यहां बेड 35 तो गद्दे मात्र 20 हैं। ऐसे में प्रिंसिपल सीधे छात्राओं को कह देती है कि आपस में मैनेज कर लो। सवाल यह उठता है जब पर्याप्त बजट शासन से मिल रहा है तो फिर मैनेज की बात कहां से आ रही है।
कुछ दिन पहले संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर डॉ. मधुलिका सिंह ठाकुर ने सीएमएचओ कार्यालय सहित जीएनएम सेंटर का निरीक्षण किया था। जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में जांच के दौरान उन्होंने पाया कि न सिर्फ खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता कर लाखों के बजट का बंदरबांट किया गया है, बल्कि यहां रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी वह सुविधा नहीं दी जा रही है, जो कि उनका हक है।
डॉ. सिंह ने जब यहां की छात्राओं से बात की तो कुछ ने उन्हें बताया कि उन्हें ठंड में बिछाने के लिए गद्दे नहीं हैं, जिन्हें गद्दा मिलता है तो उन्हें बेड नहीं दिया जाता है। ऐसे में उन्हें रात काटने में परेशानी होती है। जब डॉ. सिंह ने इस बात की जानकारी वहां के स्टॉफ से मांगी तो उन्होंने समस्या को स्वीकार किया, लेकिन बेड और गद्दे क्यों नहीं खरीदे गए या डिमांड की गई इसका जवाब कोई नहीं दिया।
संचालक को भेजी जाएगी रिपोर्ट
डॉ. सिंह ने कहा कि यह बड़ी समस्या है। यहां पढऩे वाली छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त बजट होने के बाद भी नहीं दी जा रही है। उन्होंने बजट का सही उपयोग न होने की बात कहते हुए कमीशन खोरी की आशंका भी जाहिर की है। उनका कहना है कि वह अपनी जांच रिपोर्ट संचालक स्वास्थ्य सेवाएं छग शासन को भेजेंगी। इस पर क्या कार्यवाही करना है वहीं निर्णय लेंगी।
- जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में 45 छात्राएं रहकर पढ़ रही हैं। यहां छात्राओं के लिए पर्याप्त संख्या में गद्दे व पलंग नहीं है। इससे ठंड के मौसम में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है- डॉ. मधुलिका सिंह ठाकुर, जेडी हेल्थ, बिलासपुर संभाग
Published on:
02 Jan 2018 02:55 pm
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