
Ayodhya Dham
Chhattisgarh News: अयोध्या के नृत्य गोपाल दास की आपत्ति के बाद भी चंपा नया हनुमान मंदिर में सर्वरकर की नियुक्ति नारायण दास का किया गया। विगत 6 फरवरी को अयोध्या के नित्य गोपाल दास ने आपत्ति दर्ज कराई थी कि नए सर्वराकार की नियुक्ति नहीं की जाए इस पर एसडीएम ने मंदिर ट्रस्ट को सर्वराकार का नियुक्ति पर रोक लगाई है। एसडीएम के आदेश को दरकिनार करते हुए सर्वराकार की नियुक्ति मनमानी ढंग से कर दिया गया है जो नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यहां करोड़ों की संपत्ति पर मंदिर के सर्वराकार की लड़ाई को लेकर करोड़ों रुपए की जमीन बताई जा रही है कई लोग मंदिर की जमीन पर अनधिकृत रूप से काबिज हैं। कुछ लोग लीज लेकर आवास एवं व्यापार कई वर्षों से कर रहे हैं। कई जगहों का तो मंदिर समिति जमीन का क्रय विक्रय भी हो चुका है। मंदिर समिति को डर है कि अयोध्या से कोई सर्वराकार की नियुक्ति न हो जाए तो इनका जो जमीन बंदर बांट का खेल चल रहा है उस पर अंकुश न लग जाए या अन्य उपयोग कर रहे हैं उन पर अंकुश न लग जाए।
इसलिए अयोध्या के आदेश को एवं एसडीएम के आदेश को दरकिनार करते हुए नए सर्वरकर नारायण दास की नियुक्ति मनमानी ढंग से किए हैं। तपसी बाबा हनुमान मंदिर ट्रस्ट के महंत नरोत्तम दास के निधन के बाद नए सर्वराकार की नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया है। श्री मणिराम सेवा छावनी ट्रस्ट अयोध्या के विरोध और चांपा एसडीएम की रोक के बावजूद नए सर्वराकार की नियुक्ति कर दी गई है।
इस मामले से एक बार फिर चर्चा का बाजार गरम है। लोगों का आरोप है पहले ही स्थानीय ट्रस्ट की भूमि का निजी और व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। जल्दबाजी में नए सर्वराकार की नियुक्ति करना कई सवालों को जन्म देता है। इस मामले में प्रशासन के निर्देश का उल्लंघन करने पर अब देखना होगा कि प्रशासन करता है या नहीं। आपको बता दें की कलांतर में महंत शंकर दास की तपसी बाबा हनुमान मंदिर चांपा ट्रस्ट में नियुक्ति श्री मणिराम सेवा छावनी ट्रस्ट अयोध्या ने की थी। महंत शंकर दास के निधन से पहले ट्रस्ट अयोध्या ने महंत नरोत्तम दास को तपसी बाबा हनुमान मंदिर चांपा का सर्वराकार नियुक्त किया था।
उड़ाई गई है नियम कानून की धज्जियां ...
मंदिर समिति के द्वारा एसडीएम के आदेशों को दरकिनार करते हुए नए सर्वराकार की नियुक्ति मनमानी ढंग से किया गया है। यह नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है अगर मनमानी ढंग से नियुक्त किए हैं तो इस पर प्रशासन क्या कार्रवाई करेगी यह देखने का विषय है। मंदिर समिति को यह डर है कि अयोध्या से कोई नया सर्वराकार आकर यहां बैठेंगे तो इनकी मनमानी पूरी तरह से बंद हो जाएगी और जिस तरह से मंदिर की संपत्ति और जितनी जमीन है उन पर इन लोगों का दखल है या कब्जा है वह पूरी तरह से बंद ना हो जाए ।
जिनका व्यापार चल रहा है वह पूरी तरह से बंद ना हो जाए। कई लोगों ने तो विभिन्न प्रकार का कब्जा करके रखा है। करोड़ों की जमीन पर कुमार अंगद की पांच की तरह जमाकर बैठे हैं। उनका डर है कि यह जमीन उनसे छिन ना लिया जाए। इसीलिए अपने हिसाब से सर्वराकार की नियुक्ति मनमानी ढंग से की गई है। फिलहाल इस मामले की जांच सोमवार को होगी।
न्यायालय के द्वारा तपसी बाबा नया हनुमान मंदिर के नवीन सर्वराकार की नियुक्ति पर आगामी आदेश तक रोक लगाई है। उभय पक्षों को सोमवार को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने कहा गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद ही विधिसंमत कार्रवाई की जाएगी। -निरनिधी नंदेहा, एसडीएम चांपा
Updated on:
19 Feb 2024 03:39 pm
Published on:
19 Feb 2024 03:38 pm
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