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स्टाफ नर्सेस की अवैध तरीके से भर्ती का मामला हुआ उजागर, विवादों में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र

फिलहाल अफसर ट्रेनिंग सेंटर की जांच के लिए आए और गुपचुप तरीके से निकल लिए। जांच किस तरह की की गई या फिर क्या खामियां मिली यह गोपनीय रखा गया है

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स्टाफ नर्सेस की अवैध तरीके से भर्ती का मामला हुआ उजागर, विवादों में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र

स्टाफ नर्सेस की अवैध तरीके से भर्ती का मामला हुआ उजागर, विवादों में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र

जांजगीर-चांपा. जिले का एक मात्र बहुप्रतीक्षित जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी (जीएनएम) ट्रेनिंग सेंटर अक्सर विवादों से घिरा रहता है। शुरूआती दौर में भवन निर्माण को लेकर सुर्खियों में था। इसके बाद छात्रावास में बदहाली को लेकर सुर्खियों में आया था। इसके बाद जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में खान-पान में गड़बड़ी को लेकर विवाद गहरा गया था। इन दिनों स्टाफ नर्सेस की अवैध तरीके से भर्ती का मामला उजागर हुआ है।

इन कई तरह की शिकायतों को लेकर गुरुवार की सुबह आईएनसी (इंडियन नर्सिंग काउंसिल) दिल्ली की टीम जांजगीर के जीएनएम टे्रनिंग सेंटर आई हुई है। हालांकि प्राचार्य का कहना है कि जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में जांच अधिकारी रूटिन चेकिंग के लिए आई हुई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यहां कई तरह की शिकायतों की जांच के लिए टीम आई हुई है। फिलहाल अफसर ट्रेनिंग सेंटर की जांच के लिए आए और गुपचुप तरीके से निकल लिए। जांच किस तरह की की गई या फिर क्या खामियां मिली यह गोपनीय रखा गया है।

छह साल पहले जिला अस्पताल को जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर की सौगात मिली है। पहले भवन की समस्या की वजह से जुगाड़ के भवन में यह ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो रहा था। इसके बाद साल भर पहले यहां खुद के भवन में ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो रही है। यहां रहने को तो नियम के मुताबिक एक प्राचार्य समेत छह ट्यूटर की पोस्टिंग है, लेकिन सीएचएमओ डॉ. वी जयप्रकाश ने नियम को ताक में रखकर आधा दर्जन अतिरिक्त स्टॉफ नर्सेस की पोस्टिंग कर दी है।

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यह पोस्टिंग तब किया गया जब दिल्ली की टीम जांच में आने वाली थी। जांच में आए अफसरों की टीम की आंख में धूल झोकने के लिए सीएचएचओ ने यहां बड़ी तादात में लीपापोती की है। जिसके चलते यहां का विवाद गहराते जा रहा है। इससे पहले भी जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के छात्रावास में छात्राओं को जमीन पर सुलाने एवं उनके घटिया भोजन परोसने की शिकायत मिली थी। जिसे लेकर प्रशिक्षण केंद्र विवादों में था। इन सभी मामले की शिकायत इंडियन नर्सिग काउंसिल में हुई थी। जिसकी जांच के लिए गुरुवार को दिल्ली की टीम जांजगीर के जीएनएम टे्रनिंग सेंटर आई हुई है। गुरुवार को अफसरों की टीम बंद कमरे में जांच कर रही थी। इसके बाद अधिकारियों की टीम दोपहर दो बजे अन्यत्र स्थान चली गई। इस संबंध में संस्थान के प्राचार्य से बात करने की कोशिश की गई, जिस पर प्राचार्य का कहना था कि जांच के लिए टीम जरूर आई है लेकिन जांच रूटिन के तहत की जा रही है।

प्राचार्य की भी हुई शिकायत
बताया जा रहा है कि यहां की प्राचार्य बिलासपुर से अप डाउन करतीं हैं। जिसके चलते यहां प्रशिक्षकों का किसी तरह नियंत्रण नहीं रहता। प्राचार्य का अप डाउन में ही पूरा समय निकल जाता है। जिसके चलते यहां की प्रशिक्षणार्थियों की पढ़ाई भगवान भरोसे होती है। जबकि यहां के प्राचार्य के अप डाउन कर सेवा देने की शिकायत सीएचएमओ से की जा चुकी है, इसके बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं हुई।

ट्रेनिंग सेंटर में अव्यवस्था का आलम
जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में अव्यवस्था का आलम है। छात्राओं की पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से नहीं हो पा रही है। पहले पर्याप्य प्रशिक्षक की समस्या से छात्राएं जूझ रहीं थी। जब दिल्ली की टीम जांच करने आने वाली है यह सुनकर आनन-फानन में पोस्ट को रातों रात भर दिया गया। ताकि अफसरों की आंख बंद हो जाए। हालांकि छात्राओं ने इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पत्रिका टीम ने गुरुवार को जब ट्रेनिंग सेटर ने निरीक्षण किया तब सभी क्लास रूम में केवल छात्राएं बैठीं थीं, लेकिन उनकी पढ़ाई कराने वाला कोई नहीं था।

-जीएनएच ट्रेनिंग सेंटर में आईएनसी (इंडियन नर्सिंग काउंसिल) दिल्ली की टीम जांजगीर के जीएनएम टे्रनिंग सेंटर आई हुई है। अफसर रूटिन के तहत जांच पड़ताल करने आते हैं। ट्रेनिंग सेंटर में किसी तरह की अव्यवस्था नहीं है- अर्चना खलखो, प्राचार्य जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर