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पुराने टेंडर के नियम को बदल कर गलत तरीके से जारी कर दिया नया वाहन टेंडर, पढि़ए खबर…

-सीएमएचओ को बिना बताए स्टॉफ ने कर दिया नियमों में हेरफेर - एनएचएम के स्टॉफ पर नहीं है सीएमएचओ व डीपीएम की लगाम
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 27 Mar 2018, 7:21 PM IST

पुराने टेंडर के नियम को बदल कर गलत तरीके से जारी कर दिया नया वाहन टेंडर, पढि़ए खबर...

जांजगीर-चांपा. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में एकाउंड और टेंडर शाखा को देख रहे लिपिक वर्ग कर्मी बेलगाम हो गए हैं। वह लोग सीएमएचओ को गलत जानकारी देकर चुपके से गलत टेंडर जारी करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। कुछ ऐसा ही कारनामा यहां एनएचएम शाखा से जारी हुआ। वाहन टेंडर के लिए किया गया है।

यह हम नहीं बल्कि खुद सीएमएचओ डॉ. वी जयप्रकाश कह रहे हैं। जब उनसे 21 चार पहिया वाहनों को अधिग्रहित करने के लिए जारी की गई। गलत निविदा के बारे में पूछा गया तो वह चौंक गए। सीएमओ ने दावा किया जो टेंडर पहले रद्द किया गया है उसी नियम के आधार पर ही दोबारा टेंडर जारी किया गया है तो फिर नियमों के छेड़छाड़ कैसे हो सकती है।

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जब सीएमएचओ को बताया गया कि नए टेंडर में आरटीओ से रजिस्टर्ड संस्थाए निविदा धारक के पास स्वयं के तीन से पांच वाहन होना अनुभव होने की अहृता को हटा दिया गया है तो सीएमएचओ ने इसी जांच कर टेंडर रद्द करने की बात कही है। सीएमएचओ ने साफ कहा कि उन्होंने निविदा जारी करने के आदेश में हस्ताक्षर करने से पहले संबंधित लिपिक से पूछा था तो उसने बताया कि पुराना रद्द हुए टेंडर के नियम के आधार पर नई निविदा जारी की जा रही है। सीएमएचओ डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि वह इसके बारे में पूछताछ कर खुद जांच करेंगे और यदि ऐसा हुआ तो वह टेंडर को रद्द करने की कार्यवाही करेंगे।

डीपीएम की है जिम्मेदारी
सीएमएचओ डॉ. वी जयप्रकाश का कहना है कि एनएचएम के अंतर्गत जितने भी प्रोग्राम आते हैं उनके खर्च व संचालन की जिम्मेदारी डीपीएम की होती है। वह सुपरवीजन अथारिटी होने के नाते केवल अपने हस्ताक्षर करते हैं। उनका कहना है कि टेंडर कब निकलना है कैसे निकलना है या उसमें कोई त्रुटि तो नहीं यह देखना डीपीएम का काम है। उन्हें अपना काम सही तरीके से करना चाहिए। यदि टेंडर में ऐसा हुआ है तो इसमें उनकी कमी साफ दिख रही है।

दोबारा जारी हुआ था यह टेंडर
जानकारी के मुताबिक 29 सितंबर 2017 को एनएचएम से जिले के लिए 21 वाहनों के लिए निविदा जारी की गई थी। इसके खोलने की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर 2017 थी। इस निविदा में तीन से चार लोगों ने भाग लियाए लेकिन एक फर्म को छोड़कर अन्य मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। इसे देखते हुए सीएमएचओ ने इस टेंडर को रद्द कर दोबारा फिर से 5 मार्च 2018 को निविदा जारी किया। इस निविदा में पुराने नियम को हटाकर निविदा जारी कर दी गईए जिससे वह लोग भी निविदा फार्म खरीद चुके हैं, जिन्हें ट्रेवेल्स चलाने का अनुभव नहीं है और उनके पास स्वयं के 3.5 वाहन नहीं है। इससे अब लोगों को आशंका है यदि अनुभवहीन को टेंडर मिलता है तो वह सही सेवा नहीं दे पाएगा।

इन शर्तों को दूसरे टेंडर में हटाया
सीएमएचओ ने दोबारा टेंडर जारी करने पर पहले टेंडर की शर्तों में से टैक्सी वाहनों को किराये पर बुकिंग में संचालन संबंधी फर्म का जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र देने और निविदा धारक के पास स्वयं की तीन से पांच वाहनों का होना यह दो अहम शर्तों को हटा दिया है। यह दोनों शर्त ऐसी थी कि इन्हें पूरा करने वाला अनुभवी ट्रेवेल्स संचालक ही हो सकता है।

सेवा हो सकती है बाधित
सीएमएचओ के इस टेंडर के बाद अब पूरे महकमें और शहर में चर्चा है कि इस तरह गैर अनुभवी लोगों के हाथ में टेंडर देकर अधिकारी गलत कर रहे हैं। ऐसा करने से वह बीच में ही टेंडर को छोड़ सकता है और शासकीय सेवा बाधित हो सकती है।

-वाहन टेंडर पुराने नियम के आधार ही निकाला गया है। यदि ऐसा हो तो इसकी जांच कर टेंडर को कैंसिल करने की कार्यवाही की जाएगी- डॉ. वी जयप्रकाश, सीएमएचओ, जांजगीर-चांपा

- टेंडर सीएमएचओ के आदेश से जारी किया गया है। नए टेंडर में कुछ नियम हटाए गए हैं, जो कि मानक के मुताबिक गलत है। मैंने सीएमएचओ के सामने यह बात रखी है- गिरीश कुर्रे, डीपीएम, जांजगीर-चांपा

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