
जब कर्मचारी ने कहा... चुनाव प्रशिक्षण के नाम पर इस तरह कर्मचारियों को परेशान ना करो साहब
जांजगीर-चांपा। जिनके कंधों में सफल मतदान की जिम्मेदारी है। उन्हें ही अव्यवस्थाओं का दंश झेलना पड़ रहा है वो भी चुनाव प्रशिक्षण के दौरान। मामला चांपा का है। जहां चुनाव प्रशिक्षण के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को ईवीएम व वीवी पैट मशीन के उपयोग की जानकारी देने के लिए बुलाया गया था, पर कहीं ट्रेनर ईवीएम व वीवी पैट को जोड़ नहीं पाए तो कहीं बैट्री के अभाव में मशीन चालू नहीं हुआ।
खास बात तो यह है कि इस अव्यवस्था पर प्रशिक्षण के दौरान कुछ कर्मचारियों ने विरोध भी दर्ज कराया है। वहीं इस अव्यवस्था की जानकारी पत्रिका को लिखित रुप से दी है। जिसमें उन्होंने यह भी लिखा है कि चुनाव प्रशिक्षण के नाम पर दूर दराज से कर्मचारियों को बुला कर इस तरह परेशान ना किया जाए। हालांकि विभागीय अधिकारी खुद प्रशिक्षण की मॉनीटरिंग की बात कह रहे हैं, पर एकाध मशीन के खराब होने की बात को भी स्वीकार कर रहे हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी नीरज बनसोड़ आचार संहिता प्रभावित होने के पहले से ही स्वतंत्र, निष्पक्ष व शत प्रतिशत मतदान को लेकर पहल कर रहे हैं, जिसमें हाल के दिनों में और भी तेजी दर्ज की गई है, पर इन सारी व्यवस्थाओं के बीच अव्यवस्थाएं भी विरोध के रुप में उभर कर सामने आ रही है।
मामला लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय का है, जहां चंद्रपुर क्षेत्र के बालपुर, किरारी, कोटमी व अन्य गांव से शासकीय कर्मचारी को चुनाव प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। उसमें से एक कर्मचारी श्याम मोहन नायक ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए यहां तक कहा कि चुनाव प्रशिक्षण के नाम पर इस तरह परेशान ना करें...। वहीं पत्रिका को भी लिखित रुप से इस अव्यवस्था की जानकारी दी है। जिसमें कर्मचारियों ने खुद को ९५-१०० किमी का सफर कर चांपा पहुंचने व प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति की बात को बयां किया है।
उक्त कर्मचारी की मानें तो प्रशिक्षण में ईवीएम व वीवी पैट मशीन का प्रदर्शन नहीं किया गया। पूछने पर पीठासीन अधिकारी ने उपलब्धता नहीं होने की बात कह पल्ला झाड़ लिया। ईवीएम व वीवी पैट मशीन को जोड़कर भी जानकारी नहीं दी गई। काफी विरोध के बाद जब मशीन को जोड़ा तो उसमें एरर बता रहा था। उसके बावजूद दूसरी मशीन नहीं मंगाई गई। कुछ ऐसा ही हाल सरस्वती शिशु मंदिर में लगे प्रशिक्षण का था। जहां बैट्री चार्ज होने के अभाव में मशीन चालू नहीं हो सका। जब कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया तो दूसरी पाली के अंतिम समय में बैट्री व मशीन उपलब्ध करा मशीन को चालू किया जा सका।
Published on:
13 Nov 2018 05:17 pm
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