30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाई के मकान को अपना बताकर कराया जियो टैग और आवास योजना की निकाल ली पूरी राशि

- मामले में आवासमित्र, सरपंच व सचिव की भूमिका संदिग्ध

2 min read
Google source verification
भाई के मकान को अपना बताकर कराया जियो टैग और आवास योजना की निकाल ली पूरी राशि

जांजगीर-चांपा. आवास योजना में हितग्राही, आवासमित्र, सरपंच व सचिव के बीच गड़बड़ी करने की होड़ मची हुई है और अधिकारियों द्वारा अभयदान देने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। ऐसे ही एक मामले में हितग्राही ने अपने भाई के मकान को अपना बताकर जियो टैग करा लिया और आवास योजना की पूरी राशि निकाल ली। मामले में आवासमित्र, सरपंच व सचिव की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

जिले में इन दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की खबरें रोज सुनने में आ रही है। इसी कड़ी में सक्ती विकासखंड के ग्राम नवापारा कला में हितग्राही ने आवासमित्र, सरपंच व सचिव केे साथ मिलकर बिलकुल ही नया खेल खेला है। यहां के हितग्राही शिवचरण पिता मनोहरलाल पटेल ने बिना मकान बनाए ही आवास योजना का लाभ ले लिया है। इस संबंध में शिवचरण के भाई संतोष पटेल ने सक्ती एसडीएम को किए गए शिकायत में बताया है कि उसके भाई ने कोई मकान नहीं बनाया है, बल्कि उसका पहले से पक्का मकान है।

Read More : नियमों को ताक पर रख चला रहे सोनोग्राफी व पैथोलॉजी सेंटर, अफसरों की नहीं पड़ रही नजर

इसके बाद भी उसे योजना के तहत पूरी राशि का भुगतान किया गया है। शिवचरण ने जिस मकान का जियो टैग कराया है, वह मकान संतोष का है। आवास मित्र द्वारा जियो टैग करने संतोष के मकान के सामने शिवचरण को खड़ा कराकर फोटो खिंच लिया है। साथ ही मकान को पूर्ण बताते हुए योजना की पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया है। वहीं योजना के तहत शिवचरण को लाभ देने आवासमित्र, सरपंच व सचिव ने शुरूआत से ही गड़बड़ी की है। संबंधितों ने दूसरे के कच्चा मकान को शिवचरण का बताते हुए योजना में शामिल किया है, जबकि उसके पास पहले से पक्का मकान है।

ढलाई के दिन पूर्णता प्रमाण पत्र
पूरे मामले में संबंधितों ने तकनीकी समस्या को भी नजर अंदाज करते हुए एक ही दिन पूर्णता व ढलाई का प्रमाण पत्र जारी किया है। शिकायत में संतोष ने बताया कि आवासमित्र द्वारा 22 अक्टूबर को शिवचरण के मकान की ढलाई होना बताया है और 22 अक्टूबर को ही मकान को पूर्ण होना बताया जा रहा है। इस मामले को देखते हुए समझा जा सकता है कि अधिकारी जमीनी कर्मचारियों के दम पर आंख मूंदकर काम कर रहे हैं और मैदानी अमला योजनाओं को पलीता लगाने से नहीं चूक रहे हैं।

शासन से मिल रही गाइडलाइन
आवास योजना में नित नए गड़बडिय़ों के मामले सामने आने पर शासन को पत्र जारी कर गाइडलाइन का पालन कराने हिदायत देनी पड़ी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए पत्र में जिला पंचायत सीईओ को कहा गया है कि आवास योजना में अपात्र हितग्राहियों का चयन रोकने तथा गड़बडिय़ों को रोकने सख्त उपाय किए जाएं। साथ ही अपात्र के लिए मानदंड तय किए गए हैं। मानदंड के अनुसार मोटर चलित वाहन, मशीनीकृत कृषि उपकरणधारी सहित अन्य योजना के लिए पात्र नहीं माने गए है।

- नवापारा में आवास योजना को लेकर शिकायत मिली है। शिकायत की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी- एसएस पोयाम, सीईओ, सक्ती

Story Loader