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कलेक्टोरेट बाईपास रोड में हुए भ्रष्टाचार की खुली पोल, बिना स्लैब बना दी नाली, बारिश में हुआ ऐसा हाल

-अब इस सड़क की हालत यह है कि रात में कोई भी इस गड्ढे में समाकर अपनी जान तक गंवा सकता है

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कलेक्टोरेट बाईपास रोड में हुए भ्रष्टाचार की खुली पोल, बिना स्लैब बना दी नाली, बारिश में हुआ ऐसा हाल

कलेक्टोरेट बाईपास रोड में हुए भ्रष्टाचार की खुली पोल, बिना स्लैब बना दी नाली, बारिश में हुआ ऐसा हाल

जांजगीर-चांपा. जिले में जितने भी शासकीय विभाग निर्माण का कार्य कराते हैं उनके विभाग प्रमुख चंद रुपए की लालच में ठेकेदारों के इशारे पर काम कर रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण नहर से कलेक्टर के बंगले होते हुए कलेक्टोरेट जाने वाली रोड है। नगर पालिका द्वारा बनाई गई रोड में इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ कि ठेकेदार ने सड़क के बीच में बनाई नाली में कोई स्लैब भी नहीं डाला और सीधे उसके ऊपर कंकरीट की ढलाई कर दिया। इसकी पोल बीते दिनों हुई झमाझम बारिश ने खोल दी है। अब इस सड़क की हालत यह है कि रात में कोई भी इस गड्ढे में समाकर अपनी जान तक गंवा सकता है।

इस सड़क को कुछ साल पहले ही बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में यह सड़क चलने लायक नहीं रह गई है। सुरक्षा के मानकों से देखा जाए तो यह सड़क इतनी महत्वपूर्ण सड़क है कि जो लोग एनएच से अपनी जान को जोखिम में डालकर कलेक्टोरेट, जिला पंचायत, जिला न्यायालय व जिला अस्पताल जाते हैं वह इस सड़क से बिना वाहनों के दबाव के सुरक्षित कम दूरी तय करके पहुंच सकते हैं।

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इतना ही नहीं इस सड़क से लगती कई रिहायशी कालोनी भी बसी हैं और इस रोड पर कलेक्टर का बंगला भी स्थित है। इसी कालोनी से प्रसासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना होता है, लेकिन कोई भी इस बदहाली पर आवाज नहीं उठा रहा है। बीती रात नाली में हुए गड्ढे से सिंचाई कालोनी के लोगों में काफी रोष है, उनकी मांग है कि ठेकेदार के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

नई सड़क बनाने मांग रहे फंड
इस सड़क की मरम्मत के लिए कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने लगभग 12 लाख रुपए का फंड स्वीकृत किया है, लेकिन नगरपालिका सीएमओ ने कलेक्टर से अतिरिक्त बजट की मांग की है, जिससे की इस सड़क को फिर से नए सिरे से बनाया जा सके। इसी उहापोह में न तो इस सड़क की मरम्मत हो पा रही है और न ही नया निर्माण।

-इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो उसे सुधरवाया जाएगा- एससी शर्मा, सीएमओ, नगर पालिका