
एक ओर सड़क बन रही है तो दूसरी ओर सड़क उखड़ रही है
जांजगीर-चांपा. इधर पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता लहरे को शनिवार को ही कलेक्टर ने फटकार लगाई थी कि उनकी सड़क की हालत बेहद बदतर है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी के ईई के कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। आपको बता दें कि आज से दो साल पहले पीडब्ल्यूडी ने अफरीद से लेकर बम्हनीडीह तक तकरीबन २७ किलोमीटर की दूरी की सड़क को २७ करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य करा रहा है। सड़क की गुणवत्ता में जमकर अनदेखी की जा रही है। एक ओर सड़क बन रही है तो दूसरी ओर सड़क उखड़ रही है। सड़क निर्माण कार्य बाराद्वार के किसी ठेकेदार को मिला है। उसके द्वारा सड़क निर्माण कार्य में खुलकर भ्रष्टाचार कर रहा है। जिसके चलते राहगीर परेशान हैं। इतना ही नहीं ठेकेदार इतनी घटिया सड़क बना रहा है कि इस सड़क में लोग अभी चलने से कतरा रहे हैं। बड़ी वजह यह है कि सड़क विभागीय अफसरों के द्वारा इसकी मॉनिटरिंग नहीं की जाती। जिसके चलते लोगों का आक्रोश पनप रहा है।
कांग्रेसी नेताओं ने कराई थी सड़क की स्वीकृति
इस रूट की सड़क निर्माण के लिए स्थानीय स्तर के कांग्रेस नेताओं ने पीडब्ल्यूडी मंत्री से स्वीकृत कराई थी। लेकिन कांग्रेसी नेता ही इतनी घटिया सड़क को लेकर चुप क्यों है यह समझ से परे है। इधर नेताओं की चुप्पी को देखकर यह कयास लगाया जा सकता है कि उन्हें भी इसका भरपूर कमीशन मिल रहा है।
कलेक्टर ने लगाई थी ईई को फटकार
कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला जब शनिवार को चंद्रपुर डभरा मार्ग का निरीक्षण किया तो इस मार्ग में निर्मार्णाधीन सड़क में गुणवत्ता की अनदेखी पाई। जिसके चलते कार्यपालन अभियंता केपी लहरे को जमकर फटकार लगाई थी। फटकार के अलावा उन्हें शोकाज नोटिस भी जारी किया गया है। अब देखना यह है कि अफरीद बम्हनीडीह सड़क मार्ग में कलेक्टर पीडब्ल्यूडी के ईई लहरे पर क्या एक्शन लेते हैं।
&सड़क का निरीक्षण कर ठेकेदार को गुणवत्ता लाने कहा जाएगा। ताकि लोगों को आवागमन में दिक्कतें न हो।
- केपी लहरे, कार्यपालन अभियंता
Published on:
14 Mar 2022 02:43 pm
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