
फर्जीवाड़ा (फोटो सोर्स- Freepik)
Crime News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। श्रम विभाग की दिव्यांग सहायता योजना में हुई गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने भले ही दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, लेकिन योजना का लाभ दिलवाने वाला मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। बताया जा रहा है कि उक्त फरार दलाल पेंड्री थाना क्षेत्र के हसौद गांव का रहने वाला है। सूत्रों का कहना है कि यह दलाल इसी तरह के फर्जीवाड़े का काम करता है, जो सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कूटरचना करता है।
कुछ ऐसे ही मामले में स्व. सुमन बाई पटेल पति अशोक पटेल निवासी बिर्रा के नाम पर दिव्यांग सहायता योजना में फर्जी पंजीयन कराकर एक लाख रुपए निकाले थे। मामले में मृतका के पति अशोक पटेल पिता धनीराम तथा रोहित पटेल सचिव ग्राम पंचायत बिर्रा के विरूद्ध बीएनएस की धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया गया। इस मामले में बिर्रा सरपंच का नाम सामने आ सकता है। जिसे गांव के व्यक्ति के जीने मरने की जानकारी नहीं थी और उसने फार्म में दस्तखत भी कर दिया।
प्रथम दृष्टया पुलिस ने कूट रचना में सहयोग करने वाले आरोपी पति को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बिर्रा पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश कर रही है। जो पेंड्री का रहने वाला एक साहू है, जो श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों की तलाश करता है और जिंदा को मृत बताकर या मृत को जिंदा बताकर श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिलवाता है।
इधर मामले की जांच कर ही बिर्रा पुलिस से यह भी जानकारी मिली है कि श्रम विभाग के उक्त दलाल ने हितग्राही जिसके नाम से एक लाख रुपए निकला है उसकी मृत्यु के बाद बैंक में खाता खुला है। ऐसे में बैंक प्रबंधन भी संदेह के घेरे में आएगा। आखिर मृत व्यक्ति के नाम से बैंक में खाता खुल सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में और भी कई आरोपी बन सकते हैं। लेकिन संदेही भी फरारी काट रहे हैं।
Published on:
21 Mar 2026 07:04 pm
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