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Video- स्क्रीनिंग कमेटी व नेता प्रतिपक्ष के सामने भी दिखा कांग्रेसियों का खासा विरोध

प्रेस कांफ्रेस के दौरान हॉल में सिटिंग विधायक सहित कुछ गिने-चुने नेताओं को ही अंदर आने दिया गया। इससे अन्य नेता खासे नाराज हो गए और वह प्रेस कांफ्रेंस हॉल का बंद दरवाजा पीटने लगे।

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Video- स्क्रीनिंग कमेटी व नेता प्रतिपक्ष के सामने भी दिखा कांग्रेसियों का खासा विरोध

Video- स्क्रीनिंग कमेटी व नेता प्रतिपक्ष के सामने भी दिखा कांग्रेसियों का खासा विरोध

जांजगीर-चांपा. भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी सचिव डॉ. चंदन यादव और छत्तीसगढ़ कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य रोहित चौधरी के साथ-साथ राज्य से कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और जनघोषणा समिति के अध्यक्ष टीएस सिंहदेव सोमवार को जांजगीर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिन भर शहर के अलग-अलग संघ से मुलाकात कर शाम को न्यू सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता आयोजित कर जनघोषणा पत्र को लेकर मिले सुझाव पर चर्चा की।

प्रेस कांफ्रेस के दौरान हॉल में सिटिंग विधायक सहित कुछ गिने-चुने नेताओं को ही अंदर आने दिया गया। इससे अन्य नेता खासे नाराज हो गए और वह प्रेस कांफ्रेंस हॉल का बंद दरवाजा पीटने लगे। इतना ही नहीं टीएस बाबा जहां पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे वहीं हॉल के बाहर उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ता और नेता खासा विरोध जता रहे थे। बाबा ने कार्यक्रम के दौरान भीड़ बढऩे का एक अंश बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम में विरोध के स्वर निकलते हैं, लेकिन इसके बाद भी बाहर विरोध कर रहे लोग हमारी पार्टी के अंग हैं और उन्हें लेकर चलना उनका फर्ज है। टीएस बाबा ने कहा कि भाजपा भले ही अनुशासन की बात करे, लेकिन जब मोदी जी राज्य प्रभारी के रूप में राज्य का दौरा किया था तो उन्हें भी अपने कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते टेबल के नीचे घुसना पड़ा था।

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विधायक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बारे में टीएस बाबा ने कहा कि अभी कोई भी चाहे कितना ही टिकट का दावा क्यों न करे वह कहीं से स्वीकार्य नहीं है। नामों की घोषणा सात सितंबर को होने वाली बैठक के बाद ही किया जा सकता है। सिटिंग विधायक के टिकट को लेकर बाबा ने कहा कि वह खुद अपनी दावेदारी पर मुहर नहीं लगा सकते हैं तो और नाम पर कैसे कह दें। उन्होंने कहा कि नाम की घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मंजूरी के बाद ही होगी। इसके साथ ही उन्होंने आने वाले चुनाव में कांग्रेस का जन घोषणा पत्र कांग्रेस का नहीं बल्कि आम जनता के सुझाव से जारी करने की बात कही।

इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि चाहे जिसे भी टिकट मिले या न मिले इसका फैसला करने का अधिकार जिला स्तरीय कमेटी को नहीं दिया गया है। इसका फैसला राज्य व केंद्र स्तरीय कमेटी ही करेगी। इस दौरान सर्किट हाउस में जांजगीर-चांपा विधायक मोतीलाल देवांगन, अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू, दिनेश शर्मा, मंजू सिंह, इंजि. रवि पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजीत साहू, जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद जायसी, आभाष बोस, गिरीश कुर्रे, प्रिंस शर्मा, विवेक सिसोदिया और रफीक सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।

चौधरी ने किया भाजपा विचारधारा पर कार्य
टीएस बाबा ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी का यूं अचानक इतने बड़े पद से इस्तीफा दे देना और भाजपा से दावेदारी कर देना अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। इससे साफ है कि उसने जो अब तक कार्य किए वह भाजपा की विचारधारे से प्रेरित होकर किए हैं न कि आम जनता के हित में। उन्होंने कहा कि ओपी चौधरी के द्वारा किए गए गलत कार्य व भ्रष्टाचार की परते अब खुलने लगी है और लोग उनके द्वारा किए गए गलत फैसले व कार्यों को लेकर चर्चा करने लगे हैं।

ओपी चौधरी के दावे को बताया चुनौतीपूर्ण
पूछे गए एक सवाल के जवाब में टीएस बाबा ने कहा कि आईएएस सेवा से इस्तीफा दे चुके ओपी चौधरी यदि बीजेपी की टिकट पर खरसिया से दावेदारी करते हैं तो यह कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक उमेश पटेल की छवि भी वहां काफी अच्छी है और वह अच्छी सोच को लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खरसिया से उम्मीदवार कौन होगा यह भी अभी नहीं तय है, लेकिन जो भी होगा उसकी जीत सुनश्चित करने के लिए पार्टी को पहले से अधिक मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट के खिलाड़ी हैं और कोई भी मैच वह जीतेंगे कि हारेंगे यह पहले से तय नहीं किया जा सकता है। उनका कार्य है कि वह हर सीट के लिए अपनी पूरी मेहनत दें।

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