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Video- सूखे तालाब व हैंडपंप, विधायक सांसद तो मिनलर वाटर से बुझा लेंगे प्यास पर गरीबों का क्या होगा

पानी भरने के लिए ग्रामीणों में सिर फुटौवल - शादी ब्याह, छट्ठी व मरनी के कार्यक्रम में होती परेशानी, दूर क्षेत्र से मंगाना पड़ता है टैंकर

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सूखे तालाब व हैंडपंप, विधायक सांसद तो मिनलर वाटर से बुझा लेंगे प्यास पर गरीबों का क्या होगा

जांजगीर-चाम्पा. जिले के पामगढ़ विकासखंड क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत शुरू हो गई है। सबसे खराब हालत ग्राम पंचायत भैंसों की है। यहां नहर कॉलोनी व नवापारा में लोगों को पानी के लिए अभी से जद्दोजहद करना पड़ रहा है। यहां जितने भी हैंड पंप हैं उनके हलक सूख चुके हैं।

पत्रिका की टीम ने जब यहां की ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो चौकाने वाली हकीकत सामने आई। नहर कॉलोनी में भी पानी का संकट शुरू हो गया है। नहर कॉलोनी में लगभग 50 घर हैं वहां लोगों के निस्तारी के लिए मौजूद पटेल तालाब का पानी भी सूख गया है। यहां एक भी बोर नहीं है।

हालत यह है कि लोगों की इस समस्या को सुनने के लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसद तक के पास समय नहीं है। सबसे अधिक संकट तो उस समय होता है जब किसी के घर में शादी, मरनी, छट्ठी आदि का का कार्यक्रम होता है।

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लोगों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को बार-बार आवेदन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। नवापारा भी इसी समस्या से जूझ रहा है। कॉलोनी करीब 10 सालों से पानी का संकट है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं निकाला जा सका है। यहां स्थित तालाब में गहरीकरण कार्य भी चालू किया गया था, लेकिन कुछ कारणों से वह भी नहीं हो सका। इससे लोगों के यहां पालतू जानवर के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है।

वोट के रूप में देंगे जवाब
अब तौ हालत यह है कि लोग यहां तक कहना शुरू कर दिए हैं कि वोट के समय जितने भी नेता हैं घर आकर पैर छूकर वोट मांगते हैं और जीतने के बाद दिखाई नहीं देते हैं। आज पानी की संकट में हम गरीबों के ऊपर है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस संकट की घड़ी में हम सब मोहल्लेवासी एक साथ समस्या का हल निकालेंगे, लेकिन मतदान के समय अपना जवाब वोट के रूप में जरूर देंगे।

बिना समस्या सुने कलेक्टर भी गए
लोगों से दूरिया बनाने के चलते ही कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन को शासन ने दोबारा कलेक्टर बनने का मौका नहीं दिया। इसका जीता-जागता उदाहरण यह क्षेत्र है। यहां के लोगों का कहना है कि कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर वह लोग थक गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।