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दिनभर चला रिमझिम व फुहारों का दौर, महानदी का जलस्तर बढ़ा, नाले उफान पर

सावन माह के विदाई की बेला में ही काले मेघों ने झूम के बरसना शुरू कर दिया है। झमाझम बारिश से प्यासी वसुंधरा की प्यास बुझने लगी है। प्रकृति ने हरियाली की चादर ओढ़ ली है। दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से मौसम में खासे बदलाव से नदी नाले उफान पर आ गए हैं। महानदी का लगातार जलस्तर बढ़ रहा हैं तो वहीं नाले भी उफान पर चल रहे हैं।

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दिनभर चला रिमझिम व फुहारों का दौर, महानदी का जलस्तर बढ़ा, नाले उफान पर

ufan par mahanadi

भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के मुताबिक १० जुलाई तक ७९७.१ मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी। यह वर्षा गत वर्ष की तुलना में १०२.७ मिमी ज्यादा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में ६३९.४ मिमी वर्षा हुई थी।
मंगलवार के बाद बुधवार को सुबह ४ बजे नींद खुली तो झमाझम बारिश हो रही थी। झमाझम बारिश का दौर ७ बजे तक चला। इसके चलते मार्निंग वाक पर लोग जा नहीं पाए। काले मेघों ने ज्यादा देर तक लोगों को राहत नहीं दी। सुबह ९ बजे आसमान में घने बादल छा गए। काले बादलों ने सूरज को अपनी ओट में पूरी तरह ढंक लिया। कुछ देर बाद ठंडी हवाएं चलने लगीं। बड़ी-बड़ी बूंदों के साथ बारिश शुरू हुई। यह सिलसिला पूरे दिन भर चलता रहा। रुक-रुककर देर रात तक चलता रहा। झमाझम बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। इससे जनजीवन थम सा गया। इसके चलते जिले के नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। महानदी का लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। अभी शिवरीनारायण में शबरी पुल से मात्र चार से पांच फीट नीचे पानी चल रहा है। सुबह ७ फीट तक चल रहा है। इसके बाद शाम को महानदी का जलस्तर २ से ३ फीट बढ़ गया। अब मात्र ४ फीट शबरी पुल से नीचे पानी चल रहा है। यह लगातार बारिश का दौर रायपुर व जिला में रहा तो आगे शिवरीनारायण में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। इसके अलावा रिंगनी-कुकदा मार्ग को जोडऩे वाली कंजी नाला भी उफान पर रहा है। नाला के ऊपर पानी चलने को बेताब है। अभी फिलहाल नाला को छूकर चल रहा है। ज्ञात हो कि इस साल पिछले वर्ष से १०२.७ मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है। पिछले वर्ष अब तक मात्र ६३९.४ मिमी बारिश हुई थी, इस साल अब तक ७९७.१ मिमी बारिश हो चुकी है।
आज भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका सौराष्ट्र, अहमदाबाद, राजगढ़, निम्न दाब का केन्द्र, पेण्ड्रा रोड, झालसुगुडा, बालासोर और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक 0.9 ऊंचाई तक विस्तारित है। 11 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पडने की सम्भावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक भारी वर्षा हो सकती है।
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