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#Topic Of The Day- बालिकाओं के शिक्षा ग्रहण करने के कारण ही महिलाएं आज हो रहीं सशक्त : दुबे

-बच्चों का हौसला बढ़ाने उनकी रूचि जानना जरुरी - प्राथमिक स्तर पर अक्षर ज्ञान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता

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#Topic Of The Day- बालिकाओं के शिक्षा ग्रहण करने के कारण ही महिलाएं आज हो रहीं सशक्त : दुबे

टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक जयंती दुबे उपस्थित हुई। बालिका शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक दुबे को राज्यपाल से पुरस्कार मिल चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण पुरस्कार भी जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किया गया है।

जिला मुख्यालय जांजगीर के गल्र्स स्कूल में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर दुबे ने बताया कि अब भी इस दिशा में समाज के बेहतर प्रयास की आवश्यकता है। साथ ही प्राथमिक स्तर पर बच्चियों को अक्षर ज्ञान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताया। दुबे बताती हैं कि बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करने के क्षेत्र में वे अपने प्रारंभिक शिक्षकीय कार्यकाल से प्रयासरत हैं। इसके लिए पहले वे बच्चियों को अपने साथ सहज व्यवहार के लिए प्रेरित करती हैं, फिर उनकी समस्याएं सुलझाने का प्रयास किया जाता है। इस कार्य में पालकों का सहयोग भी लिया जाता है।

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पालकों से मोबाइल के माध्यम से हमेशा जुड़े रहने व बालिकाओं को घर में होने वाली समस्याओं के बारे में चर्चा कर निदान के उपाय किए जाते हैं। बच्चों को अपनी मूल भाषा में पर्याप्त पकड़ होना चाहिए, इसलिए सत्र के प्रारंभ से ही इस दिशा में प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों का जब भाषा पर पकड़ हो जाता है, तब सभी विषयों को समझने सहयोग मिलता है। बच्चों का हौसला बढ़ाने उनकी रूचि जानना जरुरी होता है।

बच्चे सभी एक समान होते हैं। बच्चे जैसे सीखते हैं, वैसे ही आगे बढ़ते जाते हैं। बच्चों के मन से पहले यही निकालना आवश्यक होता है कि कोई होशियार व कमजोर नहीं होता। साथ ही उनके शिक्षा के अलावा अन्य गतिविधियों पर रूचि जगाना आवश्यक होता है। इसके लिए स्कूल में हर माह कोई ना कोई कार्यक्रम आयोजित कर उनका हौसला बढ़ाया जाता है।

सांस्कृतिक गतिविधि में भी बच्चों को हिस्सा लेना जरुरी होता है। गल्र्स स्कूल की बालिकाएं हमेशा जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर पुरस्कार प्राप्त करती हैं, जिससे उनका हर क्षेत्र में विकास होता है। बालिकाओं के शिक्षा ग्रहण करने के कारण ही महिलाएं आज सशक्त हो रहीं हंै। महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी दुबे का योगदान है। वे महिलाओं की संगठन में पदाधिकारी हैं और ग्रामीण क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं के अधिकार व कर्तव्य के प्रति जागरूक किया जाता है। महिलाओं में आत्मविश्वास होना आवश्यक है, जिससे वे सभी क्षेत्र में सामने आ सकती हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार
राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक दुबे अपने स्कूल में शिक्षा को लेकर नवाचार गतिविधि में भी सक्रिय हैं। वर्तमान में वे कमजोर बच्चों के लिए भाषा ज्ञान के क्षेत्र में एक गतिविधि का विकास कर रही हैं। इस एक ही गतिविधि के माध्यम से बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ मात्राएं शब्द-बोध व व्याकरण सीख रहे हैं। इस गतिविधि को अभी और उन्नत बनाया जा रहा है। यह गतिविधि कमजोर बच्चों के लिए बहुत ही कारगर साबित होगी। कई बच्चे पढऩे में होशियार होते हैं, लेकिन वे मात्रा व व्याकरण की गलतियां करते हैं। ऐसे बच्चों के विकास में सबसे बड़ी सहायक उपकरण साबित होगी।

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