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आजीविका पर ग्रहण: 11 लाख का आरो वॉटर प्लांट बेकार पड़ा, मशरुम शेड में रख रहे छेना

बलौदा ब्लॉक का आदर्श गोठान औराईकला (मौहारपारा) महिला समूहों के द्वारा किए गए जा रहे आजीविका के कामों के चलते जिले में नंबर वन गोठान का तमगा मिला था। महिला समूहों को गोठान के जरिए काम मिले और उनकी आमदनी बढ़े इसके लिए आजीविका के कार्यों के लिए पानी की तरह पैसा बहाया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं यहां आए थे और गोठान में ही जनचौपाल लगाई थी और गोठान के कायाकल्प को लेकर तारीफ की थी लेकिन आज इस गोठान की स्थिति एकदम उलट हो चुकी है।

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आजीविका पर ग्रहण: 11 लाख का आरो वॉटर प्लांट बेकार पड़ा, मशरुम शेड में रख रहे छेना

आजीविका पर ग्रहण: 11 लाख का आरो वॉटर प्लांट बेकार पड़ा, मशरुम शेड में रख रहे छेना

जांजगीर/सरखों. आजीविका मिशन के कार्यों पर ग्रहण हुआ है और चारों ओर केवल बदहाली ही बदहाली नजर आ रही है। सोमवार को पत्रिका की टीम ने औराईकला गोठान में जाकर आजीविका के कार्यों के बारे में जानकारी ली तब इसका खुलासा हुआ।
लाखों की आरो वाटर मशीन लिकेज....
गोठान में डीएमएफ फंड से २०२१-२२ में ११ लाख २२ हजार रुपए से आरो वाटर प्लांट बनाया गया है। लगने के बाद से लाखों की आरो वॉटर प्लांट धूल खाते कबाड़ होते पड़ी है। निर्माण एजेंसी खुद ग्राम पंचायत औराईकला है। इसके बाद भी लाखों की मशीन गारंटी अवधि में खराब हो गई जबकि सालभर की गारंटी है। इसके बावजूद बनवाने ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिम्मेदार ग्राम सरपंच का कहना है कि मशीन में लिकेज हैं इसीलिए काम बंद है। जनपद में सूचना दे दिए हैं।
मशरुम शेड में छेना रख रहे.....
गोठान में मनरेगा से वर्ष २०१९-२० में २ लाख ८५ हजार रुपए की लागत से बने मशरुम शेड बनाया गया है लेकिन यहां मशरुम उत्पादन तो नहीं हुआ लेकिन गोबर के कंडे जरुर रखने का काम आ रहा है। मशरुम शेड में मशरुम की जगह गोबर के कंडे (छेना) भर दिया गया है।
मर जाती है मुर्गियां इसलिए मुर्गीपालन ही बंद....
गोठान में मुर्गीपालन हो सके इसके लिए लाखों रुपए खर्च कर शेड तैयार किया गया है। लेकिन अब केवल शेड ही खड़ा है, अंदर में मुर्गियों का नामोंनिशान ही नहीं है। मुर्गीपालन नहीं होने के पीछे सरपंच का अजीब तर्क है कि गर्मी से मुर्गियां मर गई।
बड़ा सवाल....क्या केवल सीएम को दिखाने फूंके थे लाखों
औराईकला (मौहारपारा) का यह गोठान महिला समूहों के दम पर जिले में नंबर वन गोठान का तमगा हासिल किया था। मुर्गीपालन, जैविक खाद, सब्जी-भाजी की लहलहाती खेती के जरिए आठ एकड़ में फैले इस गोठान में नवाचार के चलते यह जगह बनाई थी। गोठान में एक दर्जन से ज्यादा महिला समूह काम कर रही थी लेकिन ऐसा क्या हुआ है कि शिखर से शून्य वाली स्थिति में यह गोठान पहुंच गया। अगस्त २०२१ में सीएम भूपेश बघेल खुद यहां पहुंचे थे जिससे तो यही लग रहा है कि केवल सीएम को दिखाने लाखों रुपए फूंक दिए थे।
वर्जन
-क्या कहते हैं जिम्मेदार
आरो वाटर प्लांट में लिकेज हैं, इसलिए उत्पादन बंद है। जनपद में इसकी जानकारी दे चुके हैं। गर्मी से मुर्गियां मर गई जिसके कारण मुर्गीपालन अभी नहीं हो रहा है।

दशरथ यादव, सरपंच औराईकला

गोबर की नियमित खरीदी हो रही है। आरो वाटर प्लांट में लिकेज की समस्या है, जनपद कार्यालय में सूचना दे दी गई है। मशीन सालभर की गारंटी में है लेकिन कंपनी का नंबर नहीं लग रहा है। अभी मुर्गीपालन नहीं हो रहा है, पूर्व में मुर्गी लाए थे लेकिन चोरी होने और सांप होने से नुकसान हो रहा है। मशरुम उत्पादन का काम समूह ने शुरु नहीं किया है इसीलिए ऐसे ही कंडे वहां रख दिए हैं।
बिंदिया कंवर, प्रभारी सचिव औराईकला

शनिवार को सचिव और एनआरएलएम कैडर से रिपोर्ट ली गई है। गर्मी के कारण १५ दिनों बाद मुर्गीपालन व मशरुम उत्पादन शुरु कराने की बात बोले हैं। आरो वाटर प्लांट जब इंस्टाल हुआ तब काम करने कोई समूह रूचि नहीं ले रही थी। मशीन में कुछ फिटिंग काम बाकी है, जिससे पूर्ण कराने कहा गया है।
आकाश सिंह, सीईओ बलौदा