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#Topic Of The Day : समाज सेवा के साथ स्व अनुशासन की शिक्षा मिलती है एनएसएस से

- पूरे देश में करीब 90 बच्चे इस योजना के तहत समाज सेवा से जुड़े हैं।

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#Topic Of The Day : समाज सेवा के साथ स्व अनुशासन की शिक्षा मिलती है एनएसएस से

टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक व नवागढ़ कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. भूपेंद्र पटेल शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना से बच्चों में समाज सेवा की भावना के विकास होने के साथ स्व. अनुशासन की शिक्षा मिलने की बात कही।

राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक प्रो. पटेल ने बताया कि यह शिक्षा कॉलेज व हायर सेकेंडरी स्कूल स्तर में वर्ष 1969 से लागू किया गया है। इसके पीछे बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ अनुशासन व समाज सेवा से जोड़ते हुए उनका सर्वांगीण विकास ही मुख्य उद्देश्य रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिले में छह हजार 200 पंजीकृत विद्यार्थी हैं, जो 62 ग्रुप में बंटे हैं। पूरे देश में करीब 90 बच्चे इस योजना के तहत समाज सेवा से जुड़े हैं।

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उन्होंने बताया कि भारत गांवों का देश है और ज्यादातर विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से होते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास भी सामाजिकता को लेकर किया जाता है, जो उनके प्रोफेशनल क्षेत्र में काम आता है। इसके तहत विद्यार्थियों को रचनात्मक व सृजनात्मक कार्य से जोड़ा जाता है। इससे जुड़े विद्यार्थियों में स्वाभाविक तौर पर सार्वजनिक साफ-सफाई, एक अच्छे नागरिक के गुण, समाज सेवा की भावना का विकास होता है।

इस योजना के तहत जन जागरूकता, महिलाओं व बच्चों के क्षेत्र, कौशल विकास, सामुदायिक विकास का कार्य कराया जाता है, जिससे विद्यार्थी अध्यापन कार्य के साथ समाज सेवा से जुड़े रहते हैं, वे स्वयं अपने विकास के साथ समुदाय के विकास में सहज तौर पर सहभागी बनते हैं। इसमें अनुशासन संगठन से थोपा नहीं जाता, बल्कि स्व प्रेरित अनुशासन की भावना का विकास किया जाता है।

उन्होंने बताया कि शासकीय व अशासकीय स्कूल व कॉलेजों में ग्रुप बनाया जाता है। इस ग्रुप में पंजीयन के बाद बच्चे उद्देश्यों के साथ व्यावहारिक ज्ञान हासिल करते हैं। स्वयं के प्रति अनुराग के साथ मिलजुल कर कार्य करने की भावनाएं श्रमदान के प्रति झुकाव का विकास किया जाता है।

स्कूल स्तर पर ए व कॉलेज स्तर पर बी व सी प्रमाण पत्र परीक्षा के बाद प्रदान किया जाता है। उन्होंने स्कूल व कॉलेजों में चल रहे समानांतर कार्यक्रम एनसीसी व एनएसएस के बीच के अंतर को भी समझाया। एनसीसी को सैन्य शिक्षा व एनएसएस को नैतिक शिक्षा का पक्षधर बताया और कहा कि दोनों ही बच्चों के लिए अनिवार्य है। किसी एक लक्ष्य के साथ उन्हें आगे बढऩा चाहिए।

समाज सेवा के लिए पहल
प्रो. पटेल ने बताया कि एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों की समाज सेवा के प्रति एक कार्यक्रम से समझा जा सकता है। जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कटनई स्थित पहरिया पाठ में एनएसएस के विद्यार्थियों ने मिलकर दो शौचालय बनाने का निर्णय लिया और इसके लिए अपने बीच से एक-एक रुपए एकत्र कर पूरे प्रदेश से 96 हजार रुपए की व्यवस्था की।

पहरिया पाठ एक धार्मिक व पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां एनएसएस का जिला स्तरीय शिविर लगाया गया, जहां यह परेशानी देखने मिली और शौचालय निर्माण का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद प्रारंभ हो जाएगा।

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