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Public Opinion : एक मशीन पर 12 हजार उपभोक्ता का भार, तेज गर्मी हो या बारिश बिजली बिल पटाने हर मौसम में लगती है लंबी लाइन

उपभोक्ताओं ने बताया कि एक तो बिजली का बिल देर से बंटता है, वहीं बिल पटाने आओ तो काउंटर बंद रहता है।
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 30 Jul 2018, 4:33 PM IST

Public Opinion : एक मशीन पर 12 हजार उपभोक्ता का भार, तेज गर्मी हो या बारिश बिजली बिल पटाने हर मौसम में लगती है लंबी लाइन

Public Opinion : एक मशीन पर 12 हजार उपभोक्ता का भार, तेज गर्मी हो या बारिश बिजली बिल पटाने हर मौसम में लगती है लंबी लाइन

जांजगीर-चांपा. शहर में बिजली बिल पटाना लोहे के चना चबाने से कम नहीं है। एक एटीपी मशीन में 12 हजार उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी रहती है। बारिश हो या चिलचिलाती धूप उपभोक्ताओं को बिजली का बिल पटाने लाइन लगानी ही पड़ेगी। क्यों कि 8 हजार उपभोक्ताओं को एक ही मशीन के सामने लंबी लाइन लगाकर बिजली का बिल पटाना पड़ता है।

एक तो शहर के लोगों को बिजली का बिल लेट से मिलता है। इसके कारण बिल पटाने भगदड़ मच जाती है। वहीं दूसरी ओर एटीपी मशीन का कर्मचारी बेपरवाह है। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। यदि मशीन का आपरेटर समय पर काउंटर खोलता तो उपभोक्ताओं को समय पर बिजली का बिल पटाने का अवसर मिल जाता।

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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आपरेटर को सुबह 8 से रात 7.30 बजे तक मशीन को खोलना चाहिए। उपभोक्ता बिल पटाने आए या नहीं, लेकिन आपरेटर अपनी मनमौजी करता है। लोग बिजली का बिल पटाने आते हैं लेकिन उन्हें एटीपी मशीन का काउंटर नहीं खुलने के कारण उन्हें दर दर भटकना पड़ता है। उपभोक्ताओं ने बताया कि एक तो बिजली का बिल देर से बंटता है। वहीं बिल पटाने आओ तो काउंटर बंद रहता है।

लंबी लाइन और चले जाते हैं बैंक
लाइन में लगे उपभोक्ताओं की परेशानी तब बढ़ जाती है जब आपरेटर बिजली बिल से आए पैसे को जमा करने बैंक चला जाता है। ऐसे में उपभोक्ता लाइन में लगे होते हैं। इसके कारण उपभोक्ता परेशान नजर आते हैं। वहीं आपरेटरों को उपभोक्ताओं की परेशानी से कोई सरोकार नहीं होता।

हो चुकी है चोरी
आपरेटर बीच में आउंटर बंद कर इसलिए पैसे जमा करने बैंक चले जाते हैं क्योकि साल भर पहले एटीपी मशीन काउंटर से पांच लाख की चोरी हो चुकी है। चोरी से बचने आपरेटर बीच में काउंटर बंद कर बैंक चले जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जाती है। विभाग को चाहिए कि काउंटर बंद करने के बजाए दूसरा आदमी बिठा दे ताकि दोनों काम हो जाए।

खोलना पड़ता है अलग से काउंटर
एटीपी मशीन होने के बाद भी उपभोक्ताओं की भीड़ को देखते हुए विभागीय अमले को अलग से मेनुअल बिल जमा करने के लिए अलग से काउंटर खोलना पड़ता है। भीड़ बढ़ जाने के कारण उपभोक्ताओं को लंबी लाइन लगानी पड़ती है। हद तो तब होती है जब बारिश के दिनों उपभोक्ताओं को बारिश से भीगते हुए लंबी लाइन लगानी पड़ती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय पर एटीपी मशीन खुलती तो भीड़ से मुक्ति मिल जाता।

उपभोक्ताओं की सुनी जाएगी
ग्राहकों के हिसाब से एटीपी मशीन की सुविधा दी गई है। आपरेटर की शिकायत अभी नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद आपरेटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी- एके धर, कार्यपालन अभियंता, सीएसपीडीसीएल

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