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खोखसा आरओबी के पास शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, ग्रामीणों को हो रही दिक्कत

- ग्रामीणों में रोष व्याप्त, ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत जांजगीर एसडीएम से की है

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खोखसा आरओबी के पास शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, ग्रामीणों को हो रही दिक्कत

खोखसा आरओबी के पास शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, ग्रामीणों को हो रही दिक्कत

जांजगीर-चांपा. जांजगीर के चांपा रोड में खोखसा रेलवे फाटक के आसपास आरओबी के इर्द-गिर्द शासकीय भूमि में इन दिनों कुछ लोगों के द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर दुकान व फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत जांजगीर एसडीएम से की है। शिकायत को लेकर एसडीएम ने जांच करने की बात कही है।

खोखसा आरओबी के आसपास बड़ी तादात में शासकीय भूमि है। जहां पर कुछ लोगों के द्वारा दुकान व उद्योग का निर्माण किया गया है। हालांकि उद्योग के लिए कुछ लोगों की निजी भूमि भी है, लेकिन अपनी भूमि के साथ-साथ बड़ी तादात में शासकीय भूमि को भी कब्जा कर लिया गया है।

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इसके चलते खोखसा कुलीपोटा के ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं में राजेंद्र दुबे, राजेश तिवारी, दिलीप साहू, बसंत कुमार, प्रेमलाल लहरे, रूपेश कुमार, श्याम सिंह, भरत सिंह, शेख रसीद सहित गांव के लोगों का आरोप है कि रेलवे फाटक के आसपास किसानों की निस्तारी के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहर का निर्माण किया गया है।

नहर के पार में आम रास्ता था, जिसे रामलाल साहू, गणेशराम साहू, तीज राम लच्छीराम एवं अन्य लोगों के द्वारा शासकीय भूमि में अवैध निर्माण कर रास्ते में अवरोध उत्पन्न किया गया है। इससे इस रास्ते में आने-जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय भूमि में कुछ लोगों के द्वारा सीमेंट के बिजली खंभे बनाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य के लिए उद्योगपतियों के द्वारा डायवर्सन भी नहीं किया गया है। जिससे शासन को लाखों का चूना लग रहा है।

नहर के रास्ते को कर दिया ब्लाक
खोखसा कुलीपोटा सहित आसपास के ग्रामीण राजेंद्र दुबे, राजेश तिवारी एवं पास के व्यवसायी राजेश अग्रवाल का कहना है कि पहले नहर के पार से लोग खोखसा कुलीपोटा के लिए पगडंडीनुमा सड़क से आवागमन करते थे। जिसे उद्योग संचालकों द्वारा नहर में कब्जा कर लिया गया है। वहीं उद्योग से निकलने वाले डस्ट को नहर में फेंक दिया जाता है। नहर में गंदगी बहकर खेतों तक पहुंच जाता है। जिससे फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।