
पटवारी अपने मुख्यालय में नहीं मिलते
जांजगीर-चांपा. पटवारी अपने मुख्यालय में नहीं मिलते जिससे खासतौर से किसानों को खासे परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल क्षेत्र में इन दिनों पटवारी का सही लोकेशन पता लगाना मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं कार्यालय पर अंकित नंबरों पर फोन लगाने पर भी पटवारी से मुलाकात नहीं हो पाती।
लिहाजा ग्रामवासी राजस्व कार्यों के लिए पटवारी के दफ्तरों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अफसरों के निर्देशों का भी पटवारी पालन नहीं करते, बता दें की शहर के बाहर से पदस्थ पटवारियों को मुख्यालय पर ही ठहरने के निर्देश हैं। जहां इन दिनों पटवारी कार्यालय पर शहरवासी कार्यालय के बाहर अंकित नंबरों पर फोन लगाकर परेशान होते नजर आए बलौदा जो तहसील मुख्यालय है जहां नगर पंचायत बलौदा में 15 वार्डों के राजस्व नामांतरण कार्य है।
जाति प्रमाण पत्र सहित आवेदन का सत्यापन, प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के आवश्यक कागज पटवारी द्वारा किया जाता है। खेती के मौस में किसानों को भी पटवारी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में इनके आवेदन जमा करने के पूर्व आवेदनकर्ता को पटवारी से सत्यापन कराना पड़ता है। लेकिन पटवारी द्वारा फोन नहीं उठाया जाता। जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाना पड़ता है। पटवारी कार्यालय के बाहर रोजाना 25 से 50 लोग परेशान होते देखे जा सकते हैं।
आदेशों का उल्लंघन
पटवारियों को कार्यालय वह मुख्यालय पर मौजूद रहने का समय 2 से 5 बजे तक का है साथ ही इसी दौरान उन्हें निरीक्षण संबंधी कार्य भी करना शामिल है उसके बाद भी बलौदा पटवारी नहीं मिलते, स्कूल का समय होने के कारण छात्र छात्राओं को इन दिनों जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पटवारी कार्यालय जाते हैं पर उन्हें भी इधर उधर भटकना पड़ रहा है आज नगर पंचायत अध्यक्ष जमुना देवी रात्रि भी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पटवारी कार्यालय पहुंची जहां कार्यलय बंद था। अध्यक्ष ने बताया कि मै तीन चार दिन से आ रही हूँ। पर पटवारी नदारत रहते है। जिसकी शिकायत विभागीय अधिकारी से करने कि बात कही। पटवारी कि रवैया से नगर मे रोष व्याप्त है।
-फिलहाल बलौदा पटवारी फरार हैए राजस्व निरिक्षक को प्रभार दिया गया हैएपूर्व बलौदा पटवारी प्रशिक्षण मे गये है आने के बाद उन्हें प्रभार दिया जाएगा।
-अतुल वैष्णव, नायब तहसीलदार बलौदा
Published on:
07 Jul 2018 08:37 pm
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