
नहरों मेंं नहीं बढ़ी पानी की धार, रोपाई को लेकर किसान हुए चिंतित
जांजगीर-चांपा. नहरों की धार अब तक नहीं बढ़ी है। अषाढ़ में दो दिनों तक जिले में झमाझम बारिश हुई है। इससे उमस के कारण जहां लोग परेशान हैं, वहीं किसान भी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। मौसम में हुए अचानक बदलाव को लेकर विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बन रहा है, जिसका असर जल्द ही देखने को मिलेगा।
इस सिस्टम से प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। मंगलवार को भी दिनभर जिले में धूप और बदली का मौसम रहा। दोपहर को कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। वहीं ज्यादातर समय धूप खिली रही, जिससे तापमान भी 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और उमस भरी गर्मी से दिनभर लोग परेशान रहे। कलेक्ट्रेट के भू-अभिलेख शाखा के अनुसार एक जून से अब तक जिले में 138.1 मिमी औसत वर्षा हुई है। अब तक स्थिति के अनुसार जिले में बारिश लगातार पिछड़ती जा रही है।
पिछले पांच साल का रिकार्ड देखें, तो वर्षाकाल में सामान्य बारिश ही जिले में हुई है। बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में जहां उमस बढ़ गया है, वहीं उमस के चलते मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ते जा रही है। साथ ही बोनी करने के बाद किसान अब बियासी करने के लिए पानी का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे किसानों के माथे पर चिंता की लकीर देखी जा रही है। साथ ही रोपाई करने वाले किसान भी पानी की कमी के कारण चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
किसानों ने नहर की धार बढऩे पर अपनी उम्मीद जगा रखी है, लेकिन नहर से भी कोई आस जल्द नजर नहीं आ रही है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई तो किसानी का काम पिछडऩे लगेगा, जिसका प्रभाव उत्पादन में देखने को मिलेगा।
मौसम में उतार-चढ़ाव से बढ़े मरीज
मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। वायरल फिवर, हाथ-पैरों में दर्द सहित सर्दी- जुकाम, उल्टी-दस्त के मरीज रोज सामने आ रहे हैं। इस कारण जिला अस्पताल की ओपीडी भी बढ़ गई है। मरीजों को डॉक्टर गर्म व ताजा भोजन करने, भाजियों से परहेज करने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही पीने के पानी को लेकर भी सतर्क रहने कहा है। स्रोत से साफ पानी नहीं मिलने पर पानी उबालकर पीने की सलाह दे रहे हैं।
Published on:
3 Jul 2018, 8:32 PM IST
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