
डीईओ आफिस में दब जाती है फर्जी शिक्षाकर्मी के शिकायतों की फाइल
जांजगीर-चांपा। हालांकि अधिकतर फाइल डीईओ आफिस में जांच के दौरान डंप हो जाती है लेकिन यदि नए सिरे से जांच की जाए तो सभी कुर्सी खाली हो जाएगी। फिलहाल ऐसे शिक्षकों की कुंडली तैयार की जा रही है और जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि जनपद पंचायत जैजैपुर में हुए 2005 के शिक्षकों की भर्ती में व्यापक तौर पर फर्जीवाड़े की गई है। ९० फीसदी नियुक्ति में ऐसे अपात्र शिक्षकों की नियुक्ति हुई है जो निजी संस्थानों से अनुभव प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हथियाई है। ऐसे जो पात्र उम्मीदवार हैं उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ गया है। इन दिनों आरटीआई कार्यकर्ता ने पूरी कुंडली खंगाली जिससे सच्चाई सामने आई। आरटीई से निकली जानकारी के अनुसार ८६ ऐसे शिक्षकों के नाम सामने आए जो फर्जी अनुभव के सहारे नौकरी ज्वाइन किए हैं। इसकी शिकायत की कुंडली डीईओ आफिस में सौंपी जा रही है। ताकि ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सके। डीईओ ने भी साफ-साफ कह दिया है कि जैसे ही शिकायत मिलेगी मामले में जांच टीम गठित की जाएगी और उन्हें बाहर का रास्ता निकाला जाएगा। सक्ती डीईओ बीएल खरे ने बताया कि फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। डीईओ बीएल खरे ने बताया कि वर्तमान में तीन शिक्षाकर्मियों की शिकायत मिली है जो फर्जी कागजात के माध्यम से नौकरी हथियाए थे। अब उन ८६ शिक्षकों की कुंडली की तलाश है जो फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी कर रहे हैं। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
Published on:
30 Sept 2022 09:30 pm
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