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स्कूल शिक्षा विभाग में खूब चल रही भर्राशाही, स्कूल संचालक खेल रहे फ्रैंचाइजी का खेल, पढि़ए पूरी खबर…

- दोनों स्कूल एक ही संचालक द्वारा चलाए जा रहे

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स्कूल शिक्षा विभाग में खूब चल रही भर्राशाही, स्कूल संचालक खेल रहे फ्रैंचाइजी का खेल, पढि़ए पूरी खबर...

स्कूल शिक्षा विभाग में खूब चल रही भर्राशाही, स्कूल संचालक खेल रहे फ्रैंचाइजी का खेल, पढि़ए पूरी खबर...

जांजगीर-पामगढ़. स्कूल शिक्षा विभाग में इन दिनों ऐसी भर्राशाही चल रही है कि अधिकारी मान्यता देकर सो जा रहे हैं और स्कूल संचालक फ्रैंचाइजी-फ्रैंचाइजी खेल रहे हैं। स्कूल संचालक एक स्कूल की मान्यता लेकर उसकी आड़ में दो-दो जगह स्कूल चला रहे हैं और धड़ल्ले से एडमिशन भी लिए जा रहे हैं।

जिले में यूं तो कई स्कूल संचालित हैं, लेकिन हम बात कर रहे हैं पामगढ़ विकासखंड की जहां के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से महज १० किलोमीटर की दूरी पर दो स्कूल संचालित हैं। यह दोनों स्कूल एक ही नाम यानि कि ज्योतिबा पब्लिक स्कूल के नाम से संचालित हैं और इसका संचालक भी एक ही है। स्कूल के संचालक कृष्ण कुमार साहू का कहना है कि उसने एक स्कूल की मान्यता ली है, लेकिन थोड़ी दूरी पर वह दूसरा स्कूल संचालित कर सकता है, जबकि बीईओ जगदीश कुमार शाी का कहना है कि यह नियम के बिल्कुल खिलाफ है।

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पामगढ़ विकासखंड मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम भुईगांव में संचालित ज्योतिबा पब्लिक स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक क्लास संचलित की जा रही है। इस स्कूल से २० किलोमीटर की दूरी पर ही कोसला में भी ज्योतिबा पब्लिक स्कूल के नाम से एक अन्य स्कूल संचालित है और वहां भी पहली से ८वीं कक्षा तक ही क्लास संचालित की जा रही है। यह दोनों स्कूल एक ही संचालक कृष्ण कुमार साहू द्वारा चलाए जा रहे हैं।

पत्रिका की टीम ने जब दोनों जगह पढऩे वाले बच्चों से पूछा तो कुछ छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें भुईंगांव नहीं बल्कि ज्योतिबा पब्लिक स्कूल कोसला की मार्कशीट दी जा रही है। इससे साफ है कि संचालक एक स्कूल की आड़ में दो-दो शिक्षा की दुकान चला रहा है। इससे होने वाली कमाई का कुछ अंश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जाता है कि नहीं यह संचालक तो नहीं कह रहा पर आम लोग जरूर आरोप लगा रहे हैं।

लोगों का आरोप है कि यदि एक ब्लॉक में ऐसा काम हो रहा है कि यह कहां से संभव है कि बीईओ को इसकी जानकारी न हो। बीईओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक संकुल तनौद के अंतर्गत भुईगांव में मात्र दो ही स्कूल मान्यता प्राप्त हैं इसमें ज्योतिबा का नाम नहीं है। जिन स्कूलों को मान्यता दी गई है उसमें मौलीमाता उमा विद्यालय भुईगांव और साईनिंग स्टार पब्लिक स्कूल भुईगांव का नाम शामिल है। अन्य स्कूल फर्जी हैं।

दोनों स्कूलों के बीच 20 किलोमीटर की दूरी
भौगोलिक परिदृश्य की बात करें तो स्कूल संचालक एक स्कूल की मान्यता लेकर कुछ दूरी पर ही दूसरा स्कूल नहीं बल्कि लगभग २०-२१ किलोमीटर की दूरी में दूसरा स्कूल संचालित कर रहा है। स्कूल संचालक के मुताबिक उसने कोसला में पहली से ८वीं कक्षा तक स्कूल संचालन के लिए ज्योतिबा पब्लिक स्कूल के नाम से मान्यता ली हुई है और भुंईगांव में स्कूल चला रहा है वह उसके स्कूल की फ्रैंचाइजी है। जबकि वहीं बीईओ शाी का कहना है कि एक स्कूल की मान्यता लेकर उसकी आड़ में दो या उससे अधिक स्कूल चलाना नियम के बिल्कुल विपरीत है।

-एक स्कूल की मान्यता लेकर दूसरा स्कूल संचालित करना नियम के विरुद्ध है। इसकी जांच की जाएगी और उसके बाद संचालक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी- जगदीश शास्त्री, बीईओ, पामगढ़

-कोसला में मेरा स्कूल संचालित हो रहा है। भुईगांव में एक फ्रैंचाइजी संचालित हैं। नियम तो नहीं पर एक फ्रैंचाइजी तो चला सकते हैं।दोनों जगह बच्चों का एडमिशन होता है, लेकिन रजिस्ट्रेशन कोसला से ही किया जाता है- कृष्ण कुमार साहू, संचालक, ज्योतिबा पब्लिक स्कूल