जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर 19 दिसंबर 2016 को व्याख्याता (पंचायत) को ज्वाइनिंग देनी पड़ी। ऐसे में इस स्कूल में नियमित अध्यापन करने आ रहे अन्य शिक्षकों पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ा है, जिन्हें 10 मिनट विलंब से स्कूल आने पर प्राचार्य व गांव की सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों का कोपभाजन बनना पड़ता है। नियमानुसार, साढ़े छह साल तक स्कूल नहीं जाने वाली व्याख्यता (पंचायत) को नोटिस देकर कारण पूछा जाना था। इसके बाद निलंबन आदि की कार्रवाई पहले ही हो जानी थी, लेकिन इस दौरान जिला पंचायत के तत्कालीन अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया। वहीं वर्तमान जिला पंचायत सीईओ ने मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ उन्हें स्कूल में ज्वाइनिंग देने का आदेश दे दिया, जिसके आधार पर प्राचार्य एलपी बंजारे ने उन्हें 19 दिसंबर को ज्वाइनिंग दी है।