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साढ़े छह साल तक स्कूल नहीं गई, फिर भी दे दी ज्वाइनिंग

-जिला पंचायत के अफसरों की कार्यशैली को लेकर उठने लगे सवाल

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Piyushkant Chaturvedi

Jan 06, 2017

Half went to school for six years, gave even joini

Half went to school for six years, gave even joining

जांजगीर-चांपा.
साढ़े छह साल तक स्कूल नहीं जाने वाली एक व्याख्याता (पंचायत) को बगैर कार्रवाई मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर स्कूल में ज्वाइनिंग दे दी गई है। इससे जिला पंचायत के अफसरों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित व्याख्याता (पंचायत) ने ड्यूटी से नदारद रहने के दौरान स्कूल में कोई सूचना तक नहीं दी थी।


जानकारी के अनुसार, जिले के बलौदा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याता (पंचायत) वर्षा राजपूत 30 जून 2010 से स्कूल नहीं आ रही थी। उसने इसकी सूचना स्कूल के प्राचार्य को भी नहीं दी थी। स्कूल के प्राचार्य द्वारा समय-समय पर इसकी जानकारी उच्च कार्यालयों में भी दी गई, लेकिन उक्त व्याख्याता (पंचायत) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। लंबे अंतराल के बाद जब वह दिसंबर 2016 में स्कूल पहुंची तो उन्हें प्राचार्य ने ज्वाइनिंग नहीं देने की बात कही, लेकिन उनकी एक नहीं चली।


जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर 19 दिसंबर 2016 को व्याख्याता (पंचायत) को ज्वाइनिंग देनी पड़ी। ऐसे में इस स्कूल में नियमित अध्यापन करने आ रहे अन्य शिक्षकों पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ा है, जिन्हें 10 मिनट विलंब से स्कूल आने पर प्राचार्य व गांव की सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों का कोपभाजन बनना पड़ता है। नियमानुसार, साढ़े छह साल तक स्कूल नहीं जाने वाली व्याख्यता (पंचायत) को नोटिस देकर कारण पूछा जाना था। इसके बाद निलंबन आदि की कार्रवाई पहले ही हो जानी थी, लेकिन इस दौरान जिला पंचायत के तत्कालीन अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया। वहीं वर्तमान जिला पंचायत सीईओ ने मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ उन्हें स्कूल में ज्वाइनिंग देने का आदेश दे दिया, जिसके आधार पर प्राचार्य एलपी बंजारे ने उन्हें 19 दिसंबर को ज्वाइनिंग दी है।


इस संदर्भ में अजीत बसंत, सीईओ जिला पंचायत से पूछे जाने पर बताया कि व्याख्याता पंचायत ने मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया है, जिसके आधार पर उन्हें ज्वाइनिंग दी गई है। पूर्व के अधिकारियों ने उन्हें नोटिस क्यों नहीं जारी किया था, इसकी जानकारी ली जाएगी। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।