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फिर कर्जमाफी की आस, 25हजार किसानों ने लिया 104 करोड़ का कर्ज

वर्ष 2018 के विस चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की थी। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों की कर्जमाफी भी की गई थी। जिससे कर्ज लिए किसानों के करोड़ों रुपए माफ हो गए थे। इस साल के अंत में फिर से विस चुनाव होना है। इसको लेकर एक बार किसानों को लग रहा है कि शायद इस बार भी सरकार कर्जमाफी की सौगात किसानों को दे सकती है। हालांकि इस तरह की कोई घोषणा या वादा सरकार के ओर से नहीं की गई है लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में किसान कर्ज लेने पहुंच रहे हैं।

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फिर कर्जमाफी की आस, 25हजार किसानों ने लिया 104 करोड़ का कर्ज

फिर कर्जमाफी की आस, 25हजार किसानों ने लिया 104 करोड़ का कर्ज

जांजगीर-चांपा. स्थिति यह है कि इस खरीफ सीजन के लिए किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से १६० करोड़ रुपए कर्ज बांटने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके एवज में अब तक १०४ करोड़ रुपए का कर्ज किसान ले भी चुके हैं। जबकि कर्ज बांटने की अंतिम तारीख ३० सितंबर है। जिसमें चार माह का समय बचा है लेकिन स्थिति यह है कि अभी से ६३ फीसदी कर्ज किसान उठा चुके हैं और १६० करोड़ का लक्ष्य जून-जुलाई तक ही पूरा होने की उम्मीद नजर आ रही है।
कर्ज के रुप में नगद राशि की डिमांड
उल्लेखनीय है कि किसान कर्ज के रुप में नगद राशि ज्यादा लेना चाह रहे हैं। जबकि खाद-बीज के लिए कम ऋण ले रहे हैं। किसानों को समितियों से नगद और वस्तु दो माध्यम से कर्ज मिलता है। खाद-बीज के लिए लिया गया कर्ज समितियों से उठाव के दौरान कट जाता है जबकि नगद लिया गया कर्ज धान बिक्री के दौरान लिकिंग के जरिए जमा होता है। ऐसे में अगर कर्जमाफी की घोषणा होती है कि यह नगद राशि ही माफ होती है। जिससे किसान नगद में ज्यादा कर्ज लेना चाहते हैं। स्थिति यह हो गई थी किसान अभी केवल नगद ही कर्ज लेना चाह रहे थे और खाद-बीज के लिए बाद में लेने की बात कह रहे हैं। बता दें, अब तक १०४ करोड़ का कर्ज २५१५९ किसानों से लिया है। जिसमें १५ करोड़ ५० लाख रुपए खाद-बीज के लिए हैं। बाकी राशि नगद के रुप में किसानों ले लिया है।
खाद-बीज उठाव में संभाग में सबसे आगे जांजगीर-चांपा जिला
इधर खाद-बीज के भंडारण और उठाव में जांजगीर-चांपा जिले की स्थिति काफी बेहतर हैं। जिला सहकारी बैंक के नोडल आफिसर अश्वनी पांडेय ने बताया कि समितियों में २९ हजार ५०० मिट्रिक टन खाद का लक्ष्य है। २० हजार १८७ मिट्रिक टन भंडारण व १२ हजार ७९६ मिट्रिक टन वितरण भी हो चुका है। इसी तरह २८ हजार ५९७ क्विंटल बीज भंडारण का लक्ष्य है और २३ हजार ८०८ क्विंटल भंडारण किया जा चुका है। किसान १० हजार ३९२ क्विंटल बीज उठा चुके हैं। इसके अलावा २५ हजार क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद का लक्ष्य है। २१ हजार ७७५ क्विंटल भंडारण व १६ हजार २४८ क्विंटल वितरण किसानों को हो चुका है।

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