22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस शहर में यदि काट ले कुत्ता तो नहीं मिलेगी दवा, विभाग ने अनहोनी का कर रखा है पूरा इंतजाम

एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टाक जिला अस्पताल ही नहीं पूरे शहर के मेडिकल स्टोर में भी खत्म

3 min read
Google source verification
एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टाक जिला अस्पताल ही नहीं पूरे शहर के मेडिकल स्टोर में भी खत्म

एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टाक जिला अस्पताल ही नहीं पूरे शहर के मेडिकल स्टोर में भी खत्म

जांजगीर-चांपा.कुत्ता काटने के बाद मरीजों को दी जाने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टाक जिला अस्पताल ही नहीं पूरे शहर के मेडिकल स्टोर में भी खत्म हो गया है। इससे पहले सरकारी अस्पतालों में यह दवा पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।

इस स्थिति में कुत्तों के काटने के शिकार मरीज दवा के लिए भटक रहे हैं। वे शहर के मेडिकल स्टोर में वैक्सीन लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में आशंका है कि यदि मरीजों को सही समय पर यह बैक्सीन नहीं लगाई गई तो रेबीज नाम बीमारी की चपेट में आकर उनकी मौत भी हो सकती है।


कुत्ता काटने के लिए लगाए जाने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक जिले भर में बीते दो माह से खत्म हो चुका है। राज्य शासन से इस दवा की मांग की गई है, लेकिन सरकार आपूर्ति नहीं कर पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को बाजार से वैक्सीन की खरीदी करनी पड़ रही है। इस दवा की कीमत 260 रुपए से 1300 रुपए तक बताई जा रही है।

जिला अस्पताल में जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचे मरीज को चलता किया जा रहा है। जिसके चलते कुत्ते काटने वाले मरीज भटक रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन का स्टॉक पहले शासकीय अस्पतालों में खत्म हुआ। अब मेडिकल स्टोर में भी खत्म हो चुका है।

सरकार लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। पत्रिका ने इस बात की रिपोर्ट जानने के लिए शहर के मेडिकल स्टोर का जाएजा लिया। जिसमें किसी भी मेडिकल स्टोर में यह वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।


जिला अस्पताल में स्टॉक होने का दावा
सीजीएमएससी के अफसरों के मुताबिक जिले के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा जिला अस्पताल मिलाकर 1 हजार वैक्सीन की जरूरत है, लेकिन बीते माह मात्र 350 वैक्सीन की आपूर्ति हुई है। वह भी चंद दिनों में खत्म होने की संभावना है। यह वैक्सीन स्मार्ट कार्ड से उपलब्ध कराई जा रहा है। जिसके पास स्मार्ट कार्ड नहीं है वह मरीज भटक रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में हर रोज तीन से चार कुत्ता काटने के मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भी पर्याप्त स्टॉक नहीं होने से आने वाले दिनों में मरीज भटक सकते हैं।


क्या कहते हैं मेडिकल स्टोर संचालक
केरा रोड स्थित सिंध मेडिकल स्टोर के संचालक संजय गुलाबानी ने बताया कि दवा दुकान में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टाक खत्म हो चुका है। मरीज भटक रहे हैं। इसी तरह प्रकाश मेडिकल स्टोर के संचालक प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन का स्टाक खत्म हो चुका है। मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। इसी तरह नरेंद्र मेडिकल स्टोर के संचालक शरद पालीवाल ने बताया कि वैक्सीन का स्टाक उपर से ही नहीं आ रहा है। यहां हर रोज तीन से चार मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें बैरंग लौटाया जा रहा है। जिसके चलते मरीजों को परेशानी हो रही है।


आधे डोज का अर्थ नहीं
कई मरीज ऐसे भी मिल रहे हैं जिन्होंने महंगाई और अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए किस्तों में वैक्सीन खरीद रहे हैं। पहला डोज खरीदने के बाद दूसरा डोज खरीदने के लिए जब वह मेडिकल स्टोर पहुंच रहे तो मेडिकल स्टोर में स्टॉक नहीं होने की जानकारी मिल रही। जिसके चलते उसके पहले तक का इलाज का कोई मतलब नहीं हो रहा।

जब तक इलाज का कोर्स पूरा नहीं हो जाता यानी पूरी वैक्सीन मरीज को नहीं लग जाती तब तक उसका इलाज पूरा नहीं माना जाता। यानी उसके पहले के लगाई गई वैक्सीन उसमें खर्च किए गए पैसे दोनों बेकार साबित हो रहे हैं। जब तक मरीज के इलाज का कोर्स पूरा नहीं हो जाता तब तक उसकी जिंदगी और मौत का खतरा बना रहता है।