
जल जीवन मिशन को पीएचई के अफसरों-ठेकेदारों ने बनाया भ्रष्टाचार का मिशन
जांजगीर-चांपा. कहीं बाल्टी भर पानी मिल पा रहा है तो कहीं तो नल कलेक्शन घरों के सामने बनकर धूल खाते पड़े हैं जहां पानी का बूंदभर नहीं पहुंच पाया। निर्माण कार्य में जमकर गड़बड़ी हुई है जिसका नतीजा यह है कि पानी भले ही बूंदभर न मिल हो लेकिन घरों के सामने बनाए गए नल कनेक्शन के लिए चबूतरे टूट-फूट कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करोड़ों की पानी टंकी लिकेज है तो घरों तक पानी पहुंचाने जो पाइप लाइन बिछाया गया है जगह-जगह से लिकेज हैं मगर इसके बावजूद ठेकेदारों को आंख मूंदकर भुगतान किया गया। जल जीवन मिशन को पीएचई के अफसरों ने कमाई का मिशन बना दिया।
टेंडर निकालने में सारे नियम कायदे तार-तार
जिले में जल जीवन मिशन में अफसरों ने टेंडर निकालने में सारे-नियम कायदों को तार-तार कर दिया। पीएचई के तात्कालिन ईई एसके चंद्रा ने चहेते ठेकेदारों को निर्धारित दर से ३४ से ३५ प्रतिशत अधिक दर पर काम बांट दिया। इतना ही नहीं एक ही फर्म को दो दर्जन से ज्यादा काम रेवड़ी की तरह बांट दिया। इतना ही नहीं जब कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा था तब कार्यालय बंद था उस दौरान भी बकायदा टेंडर जारी कर चहेतों ठेकेदारों को सब कुछ मैनेज करते हुए वर्कऑर्डर जारी कर दिया।
विस में उठा टेंडर घोटाला, नपे ईई
बता में जल जीवन मिशन में टेंडर घोटाला को लेकर विपक्ष ने विस में मामला उठाया। इसमें जांजगीर-चांपा जिले में करोड़ों के टेंडर शामिल था। मामला उठने पर सरकार ने जांच बिठाई जिसमें जांजगीर-चांपा जिले में तात्कालिन ईई के द्वारा सैकड़ों टेंडर अधिक दर में दिए जाने, निविदा नियमों का पालन नहीं करने समेत कई तरह की अनियमितता मिलने पर निलंबित कर दिया गया है।
कहीं करोड़ों की पानी टंकी लिकेज तो कहीं नलो में बूंदभर पानी नहीं
जल जीवन मिशन की स्थिति जिले में खराब है। नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम सरखों में करोड़ों की पानी टंकी में लिकेज स्पष्ट देखा जा सकता है। यहां के ठूंठी मोहल्लों के आधे घरों के नलों में पानी ही नहीं पहुंचता। एक बाल्टी पहुंच जाए तो बहुत हैं। चबूतरे घटिया बने इसीलिए टूट जा रहे हैं। इसी तरह जर्वे ब में सोलर पानी टंकी से ७० से ८० घरों में कनेक्शन दिया गया है जहां भी पानी नहीं मिलता। बाकी घरों में आज तक नल कलेक्शन ही नहीं पहुंचा। सरपंच संजय सूर्यवंशी का कहना है कि एक टंकी और बनेगा जिसके बाद बाकी घरों में कनेक्शन मिलेगा। इसी तरह ग्राम पिसौद में नल कनेक्शन लगकर चार माह से धूल खा रहा है। पानी नहीं पहुंच रहा। यहां पानी टंकी निर्माणधीन है।
वर्जन
गुणवत्ता के साथ काम करने ठेकेदारों को निर्देशित किया गया है। जो काम नहीं कर रहे उनके टेंडर निरस्त किए जा रहे हैं।
सुनील शुक्ला, ईई, पीएचई
वर्जन
गुणवत्ता के साथ काम नहीं किया जा रहा है और न ही समय सीमा में काम हो रहा है। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन में पीएचई के अधिकारियों द्वारा ३० से ३५ प्रतिशत अधिक दर में काम दिया गया है। लगाए जा रहे सामान, पाइप आदि गुणवत्ताहीन है। ऐसे ठेकेदारों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। टेंडर निरस्त होने चाहिए।
सौरभ सिंह, विधायक अकलतरा
Published on:
11 Jan 2023 09:23 pm
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