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टमाटर हुआ और लाल, 100 रुपए किलो तक पहुंचा  दाम

कुछ दिन पहले तक जिस टमाटर को जशपुर के किसान सड़क पर फेंककर उस पर ट्रैक्टर चला रहे थे, वही टमाटर अब गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार की पहुंच से दूर हो गया है।

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Piyushkant Chaturvedi

Jul 04, 2017

Tomato was away from poor and middle class family

Tomato was away from poor and middle class family

जांजगीर-चांपा. कुछ दिन पहले तक जिस टमाटर को जशपुर के किसान सड़क पर फेंककर उस पर ट्रैक्टर चला रहे थे, वही टमाटर अब गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार की पहुंच से दूर हो गया है।

जी हां पिछले दो-तीन दिन तक 20-30 रुपए किलो तक बिकने वाला टमाटर वर्तमान में 100 रुपए किलो बिक रहा है। मंडी में भी इसकी कीमत कम नहीं है। थोक व्यापारी फुटकर विक्रेताओं को 60.70 रुपए किलो के रेट से पेटी बेचते हैं और फुटकर व्यापारी उस टमाटर को 100 रुपए किलो में बेच रहा है।

खाने में यदि टमाटर की चटनी हो और दाल टमाटर से फ्राई हो तो शायद उससे बेहतर स्वादिष्ट भोजन और कोई नहीं हो सकता है, लेकिन अब लोगों को बिना छौंकी दाल ही खाना पड़ेगा, क्योंकि यदि आपने टमाटर का छौंका दाल में मारा तो वह दाल के रेट से भी महंगा पड़ेगा। क्योंकि आपको राहर दाल तो 60.70 रुपए किलोग्राम के रेट पर मिल जाएगी, लेकिन टमाटर 100 रुपए में खरीदना पड़ेगा और यदि आप 100 ग्राम दाल में 60.70 ग्राम टमाटर का तड़का मारेंगे तो वह आपको दाल की कीमत से अधिक का पड़ेगा। टमाटर के एकाएक बढ़े भाव से लोगों की पहुंच से टमाटर दूर हो गया है।


फुटकर व्यापारियों ने ये बताया कारण-
कलेक्टोरेट परिसर से लगती दीप्ती विहार कालोनी में सुबह एक सब्जी बेचने वाला आया और उसने जब टमाटर का दाम 100 रुपए किलो बताया तो सब्जी ले रही आंटी के होश उड़ गए। वह मोलभाव करने लगीं तो विक्रेता ने बताया कि थोक व्यापारी उन्हें 70 रुपए किलो के हिसाब से पेटी देता है। पेटी में कुछ माल खराब निकलता है, इसलिए उसकी मजबूरी है कि वह 100 रुपए किलो से कम रेट में टमाटर नहीं बेच सकता।


किलो से पाव में आए लोग-
कुछ दिन पहले तक जहां लोग 20 रुपए किलो व 30 रुपए में दो किलो टमाटर मिलने पर मंडी से एक-दो किलो टमाटर खरीदकर घर लाते थे वह किलो से सीधे पाव में आ गए हैं। एक सब्जी खरीददार से पूछने पर उसने बताया कि बिना टमाटर की सब्जी अच्छी नहीं लगती है। टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में सब्जी में आधा टमाटर डाल कर स्वाद बना लेंगे। उन्होंने 250 ग्राम टमाटर 25 रुपए में लिया और चले गए।


सप्लाई कम और मांग ज्यादा से बढ़े रेट-
एक सब्जी विक्रेता का कहना है कि टमाटर की जितनी डिमांड है उस मुताबिक टमाटर की सप्लाई नहीं आ रही है। इतना ही नहीं टमाटर खराब भी अधिक आ रहा है। ऐसे में उनकी मजबूरी है कि वह टमाटर कम रेट पर नहीं बेच सकते हैं। व्यापारी का कहना है कि इसके लिए पूरी तरह से शासन प्रशासन जिम्मेदार है। वह किसानों को सही दाम नहीं देती इससे पैदावार भी कम हो रही है और अच्छा टमाटर पहले ही बड़े लोग स्टोरेज में स्टोर कर ले रहे हैं।