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किसान सम्मान निधि: 41 हजार किसानों का न कोई पता न कोई ठिकाना

जिले में सवा लाख किसानों के प्रधानमंत्री सम्मान निधि में तलवार लटक रही है क्योंकि अब तक इन किसानों के द्वारा ई केवाईसी नहीं कराया गया है। ऐसे में इन किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा नहीं डाला जाएगा।

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किसान सम्मान निधि:  41 हजार किसानों का न कोई पता न कोई ठिकाना

किसान सम्मान निधि: 41 हजार किसानों का न कोई पता न कोई ठिकाना

जांजगीर-चांपा.शासन ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है कि जिन किसानों का ई केवाईसी होगा उसे ही सम्मान निधि की अगली किस्त मिलेगी। इसके लिए शासन ने किसानों को ३१ जुलाई का समय दिया है कि वो ई केवाईसी करा लें तभी योजना के तहत पात्र माने जाएंगे।
प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत पंजीकृत किसानों में से अब तक १ लाख २१ हजार किसानों ने अब तक ई केवाईसी नहीं कराया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से ४१ हजार किसानों का तो पता-ठिकाना तक नहीं मिल रहा है। न तो इनके गांव का नाम-पता मालूम चल रहा है और न ही जिला और विकासखंड का। ऐसे में यही माना जा रहा है कि इतने सारे किसानों के द्वारा फर्जी तरीके से पंजीयन कराया गया है और सरकार को चूना लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि में अपात्रों के द्वारा पंजीयन कराकर लाभ लेने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद केंद्र सरकार के द्वारा नए सिरे से सभी जिलों में पंजीकृत किसानों का सत्यापन कराया जा रहा है। किसानों को ई केवाईसी कराने कहा जा रहा है। जिसके बाद फर्जीवाड़ा की परत भी खुलती जा रही है।
फर्जीवाड़ा रोकने पेमेंट के सिस्टम को ही बदल रही सरकार
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत जिले के पंजीकृत समस्त किसानों को किसान पोर्टल में ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया है। योजना के तहत बैंक खाता आधारित पेमेंट को आधार आधारित पेमेंट में बदला जा रहा है। यानी हितग्राही के आधार कार्ड नंबर को बैंक खाता नंबर से लिंक करने के बाद आधार कार्ड नंबर का सत्यापन ईकेवाईसी के जरिए होगा। सत्यापन होने के बाद ही उस किसान के खाते में अगली किस्त आएगी।
खुद से कर सकते हैं ईकेवाईसी किसान
ई-केवाईसी के लिए किसानों को भटकना न पड़े इसके लिए खुद से किसान पोर्टल पर ईकेवाईसी अपडेट करने का ऑप्शन दिया है। किसान खुद पोर्टल में जाकर अपने आधार कार्ड नंबर का सत्यापन कर सकते हैं या लोक सेवा केन्द्र, लोक सेवा सेंटर्स, सीएससी के जरिए बायोमेट्रिक ई केवाईसी अपडेट करा सकते हैं।
अनट्रेसेबल की श्रेणी में माने जाएंगे ऐसे किसान
जिले में अब तक ईकेवाईसी पूर्ण नहीं कराने वालों की सूची में 121504 हितग्राहियों का नाम है। इनमें से 41905 किसानोंं के ग्राम का नाम व विकासखंड का नाम एवं पता अंकित नहीं है। जिससे इन किसानों की पहचान नहीं हो पा रही है। कृषि विभाग ने सभी किसानों को ३१ जुलाई के पूर्व हर हाल में ईकेवाईसी अपडेट कराने कहा है। नहीं तो जिन किसानों के गांव का नाम और विकासखंड के नाम और पता पोर्टल में नहीं दिखेगा ऐसे किसानों को अनट्रेसेबल की श्रेणी में लेते हुए अपात्र माना जाएगा।
३१ जुलाई तक अंतिम मौका
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांगर्त समस्त पंजीकृत किसानों को ईकेवाईसी अपटेड कराने ३१ जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया गया है। किसानों को अपने आधार कार्ड नंबर को बैंक खाता नंबर से लिंक कराना होगा। इसके बाद आधार कार्ड नंबर का सत्यापन ईकेवाईसी के माध्यम से होगा।
करोड़ों का लगा चूना
पीएम सम्मान निधि में अपात्रों को भुगतान होने की वजह से शासन को करोड़ों का चूना लग गया है। जिले में ही करीब ८ करोड़ से अधिक की रिकवरी निकल रही है। लेकिन रिकवरी नहीं हो पा रही है क्योंकि किसानों का नाम-पता और ठिकाना ही नहीं मिल रहा है। गांव-गांव में दलालों ने घूम-घूमकर अपात्रों का पंजीयन कराया है। अपात्रों के ऊपर कड़ी कार्रवाई भी नहीं हो रही है जिससे उन्हें एक तरह से अभयदान भी मिल रहा है। जबकि रिकवरी के अलावा एफआईआर भी होनी चाहिए। वहीं जिन च्वाइस सेंटरों की आईडी से पंजीयन हुआ है उन पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
वर्जन
शासन ने पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ सही व पात्र किसानों को देने एवं फर्जीवाड़ा रोकने ई केवाईसी कराने निर्देश दिए हैं। आधार कार्ड बैंक खाता नंबर से लिंक करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ई-केवाईसी पूर्ण कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय गई है। इसके बाद जिन किसानों का ईकेवाईसी अपटेड नहीं हुआ होगा वे अपात्र होंगे। उन्हें अगली किस्त जारी नहीं होगी।
एमआर तिग्गा, डीडीए