जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. ममता जगत के मुताबिक, छोटे कद वाली महिलाओं के कूल्हे की हड्डी छोटी होने से बच्चा सामान्य तरीके नहीं हो पाता। ऐसी अधिकांश महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी करानी पड़ती है। इसके अलावा ट्यूमर, रक्त स्त्राव ज्यादा, बच्चे की धड़कन कम होना, गर्भवती का बीपी बढऩा, बच्चे का आड़ा तिरछा होना, महिलाओं की उम्र ज्यादा होना, कई बार दवाओं से बच्चेदानी का मुंह खुला होना इसके कारण गर्भवती की सिजेरियन करना जरूरी हो जाता है। इसके अलावा जब बच्चा मल मूत्र पेट में ही कर दे तो इसे मिकोनियम कहते हैं, इस स्थिति में तत्काल आपरेशन करना पड़ता है। ताकि बच्चे की जान बचाई जा सके।