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केएसके महानदी पावर कंपनी प्रबंधन ने प्लांट को किया लॉक आउट

मजदूर संगठनों की लगातार चलते आ रही हड़ताल को देखते हुए लिया निर्णय

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केएसके महानदी पावर कंपनी प्रबंधन ने प्लांट को किया लॉक आउट

केएसके महानदी पावर कंपनी प्रबंधन ने प्लांट को किया लॉक आउट

जांजगीर-चांपा. पिछले एक सप्ताह से चली आ रही एचएमएस मजदूर संघ एवं यूनाइटेड मजदूर संघ की हड़ताल को देखते हुए मंगलवार को केएसके महानदी पावर कंपनी प्रबंधन ने प्लांट को लॉक आउट कर दिया है। इसके चलते प्लांट में काम काज ठप हो गया है। प्लांट बंद होने के बाद भी मजदूर संघ से सदस्य लगातार प्लांट के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं प्लांट प्रबंधन खामोस है। फिलहाल प्लांट में तालाबंदी होने से कई राज्यों में विद्युत वितरण ठप है। इससे हर रोज करोड़ो का नुकसान हो रहा है।
गौरतलब है कि एचएमएस मजदूर संघ एवं यूनाइटेड मजदूर संघ इन दोनो समूह के लोग आपस में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। पहले भूविस्थापितों का वेतन बढ़ा। इसके बाद दूसरा ग्रुप भी हड़ताल में बैठ गया। इससे प्लांट में काम काज प्रभावित हो रहा था। हाल ही में दोनों गुटों की लड़ाई हो गई। बीच में दो गुटों में मारपीट भी हो गई थी। जिससे प्लांट में तनाव का माहौल था। इस दौरान दोनों गुटों व प्रबंधन के बीच तनातनी का दौर चल रहा था। जिसके चलते प्लांट प्रबंधन ने प्लांट को लॉक आउट कर दिया। जिससे दोनों यूनियन ने फिर प्लांट के बाहर नारेबाजी करना शुरू कर दिया है।

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दूसरी वजह यह भी
मजदूर यूनियन का कहना है कि प्लांट करोड़ो रुपए के बैंक के कर्ज में चल रही है। बैंक कर्ज पटाने के लिए प्लांट प्रबंधन पर दबाव बना रही। इधर प्लांट की माली हालत खस्ता है। जिसके चलते प्लांट प्रबंधन का बहाना मिल गया। जिसके चलते प्लांट में लॉक आउट कर दिया गया है।

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मजदूर होंगे बेकाम
मजदूर यूनियन का कहना है कि प्लांट के बूते तकरीबन चार हजार परिवारों का पेट पलता है। प्लांट बंद होने की स्थिति में मजदूरों का पेट चलना मुश्किल हो जाएगा। काम नहीं मिलने से मजदूर कहां जाएंगे। संघ के बलराम पुरी गोस्वामी का आरोप है कि प्लांट में लॉक आउट करना कंपनी की सोची समझी चाल है। प्लांट प्रबंधन अपनी कमजोरियों का ठीकरा मजदूरों पर फोडऩा चाह रही है।