
सहकारी बैंकों में लटका ताला, करोड़ों का लेनदेन हुआ प्रभावित
जांजगीर-चांपा. हालांकि दोपहर बाद संघ को अध्यक्ष की ओर से उनकी मांगों पर त्वरित निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त भी कर दिया गया। ऐसे में अब बुधवार को अधिकारी-कर्मचारी काम पर लौट जाएंगे। इससे किसानों को राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि वेतन बढ़ोतरी की मांग समेत १० सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से प्रबंधन से मांग की जा रही थी लेकिन इसके बाद भी लंबित मामलों को लेकर किसी तरह निष्कर्ष नहीं निकला। संघ के अनुसार, १२ वर्ष की सेवा के बाद भी विभागीय जांच बताकर पदोन्नति नहीं दी जा रही है। इससे अधिकारी-कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी सब मांगों को लेकर सहकारी बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों ने हल्ला बोलते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। ९ मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके चलते लेन-देन समेत सभी कामकाज ठप रहा। पहले ही दिन करोड़ों का लेन-देन प्रभावित हुआ।
बैंक खुलने का करते रहे इंतजार
इधर कई किसानों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। ऐसे में किसानों को भटकना पड़ा। कई किसान तो हड़ताल के बाद भी इस उम्मीद में आसपास ही इंतजार करते रहे कि शायद बैंक खुलेगा। इधर बैंक शाखाओं के सामने अनिश्चतकालीन हड़ताल की सूचना चस्पा कर दी गई थी कि ताकि किसानों को जानकारी मिल जाएगी कि हड़ताल के चलते बैंक नहीं खुलेंगे। जांजगीर शाखा में पहुंचे कुथूर के किसान ने बताया कि यहां आने के बाद जानकारी मिल रही है कि बैंक नहीं खुलेगा। हड़ताल है, पैसा निकालना है अब वापस जाना पड़ रहा है। इसी तरह बड़ी संख्या में किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
पीडीएस दुकानों में भी लगा रहा ताला
बता दें, वर्तमान में केसीसी बनाने का काम चल रहा है। ऐसे में किसान सहकारी बैंकों में इन दिनों केसीसी के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन हड़ताल के चलते किसानों काी परेशानी बढ़ गई है। इधर सहकारी समितियों में भी हड़ताल को समर्थन देने की जानकारी मिल रही है। ऐसे में किसानों को सोसायटियों में भी परेशानी होगी। पीडीएस दुकानों में भी तालाबंदी हो गई है। राशन लेने पहुंचे उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ा।
Published on:
09 May 2023 09:21 pm
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