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जानिये उस हारे हुए नेता की कहानी जिसपर कांग्रेस ने लगाया है दाँव

रवि भारद्वाज के पास लम्बी राजनितिक विरासत है।इनके पिता स्वर्गीय पारसराम भारद्वाज ने सारंगढ़ लोकसभा सीट से अपने राजनितिक कैरियर की शुरुआत की थी और लगतार 6 बार सांसद भी रहे ।

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Ravi Bhardwaj

जानिये उस हारे हुए नेता की कहानी जिसपर कांग्रेस ने लगाया है दाँव

रवि भारद्वाज 20 साल से सक्रीय रूप से राजनीति कर रहे हैं 2003 में इन्होने सारंगगढ़ से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गए थे। वर्तमान समय में कंग्रेस के सचिव हैं और कांग्रेस ने उन्हें जांजगीर चाम्पा से अपना लोकसभा प्रत्यासी बनाया है।रवि भारद्वाज के पास लम्बी राजनितिक विरासत है। इनके पिता स्वर्गीय पारसराम भारद्वाज ने सारंगढ़ लोकसभा सीट से अपने राजनितिक कैरियर की शुरुआत की थी और लगतार 6 बार सांसद भी रहे।अविभाजित मध्यपरदेश में वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी रहे।

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शिक्षा

स्नातक-भोज मुक्त विश्वविद्यालय,भोपाल,मध्यपरदेश-2006

प्रतिस्पर्धी उम्मीदवार

रवि भारद्वाज का मुकाबला गुहाराम अजगले को कमला पाटले का टिकट काट कर भाजपा ने जांजगीर चाम्पा से लोकसभा उम्मीदवार हैं और 2004 में भाजपा के टिकट पर एक बार सांसद भी रह चुके हैं। जहाँ रवि भारद्वाज के पास लम्बी राजनितिक विरासत है तो गुहाराम पाटले के रवि भारद्वाज के मुकाबले ज्यादा राजनितिक अनुभव भी है।