
पेड़ काटने के लिए कोर्ट से हारा तो जहर दे दिया
जांजगीर-चांपा. सुल्ताननार के श्रीगोपाल पिता स्व. वेदराम ने बताया कि उसके पूर्वजों ने गांव के सड़क किनारे पीपल का पेड़ लगाया था। पास में पीपल पेड़ के नीचे सहेसराम पिता समारू सतनामी छोटा से कुटिया बना लिया। जब उसकी कुटिया बढऩे लगी तो वह पीपल के डगाल को काटना शुरू कर दिया। जिसे श्रीगोपाल ने पेड़ की डगाल को काटने से मना किया। लेकिन वह नहीं माना और एक दिन पीपल पेड़ को काटने के लिए कोर्ट में आवेदन भी दे दिया। छह माह तक कोर्ट में केस चला। जिसमें पटवारी समेत आला अधिकारियों ने मामले की जांच कराकर पेड़ काटने के लिए अनुमति भी दे दी। जिसे श्रीगोपाल ने चेलेंज किया। जिससे मामला उलट हो गया। श्रीगोपाल पेड़ को बचाने के लिए केस जरूर जीत गया लेकिन सहेसराम जब कोर्ट से केस हार गया तो वह अपने पढ़े लिखे बेटों के साथ गुपचुप तरीके से योजना बनाई और पेड़ की जड़ में केमिकल डालकर पेड़ को धीमा जहर दे दिया। जिससे पेड़ मर गया। अब वह उसी पेड़ को पूरा कटवाकर उसमें घर बनवाना चाह रहा है।
धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़
श्रीगोपाल ने बताया कि आज पीपल का पेड़ तो जरूर मर गया, लेकिन सहेस राम ने धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। उसने कहा कि धरती के भगवान की लाठी में आवाज जरूर दिखाई दी है लेकिन ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं आती। उसे भगवान जरूर किसी न किसी रूप में दंड देगी। क्योंकि भगवान रूपी पीपल पेड़ को जान समेत मारने से कहीं न कहीं धार्मिक भावना को ठेस पहुंचा है।
Published on:
05 Jun 2023 08:53 pm
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