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CG News: वेदांता प्लांट हादसे में घायलों का मंत्री लखन लाल देवांगन ने जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

CG News: सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था।

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CG News: वेदांता प्लांट हादसे में घायलों का मंत्री लखन लाल देवांगन ने जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

CG News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 अन्य घायल अस्पताल में इलाजरत हैं। प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस घटना को लापरवाही और तकनीकी खामियों से जोड़ रहे हैं।

इस बीच अब खबर आ रही है कि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम,आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली। उपचार-रत श्रमिकों ने मिल रहे उपचार के प्रति संतोष व्यक्त किया। मंत्री देवांगन आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे।

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल,मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रिफर किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वयं इस घटना गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटना क्रम की मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए है। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

ओवरलोडिंग और पाइप लीकेज बना मौत का कारण

जांच में सामने आया है कि 600 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट को करीब 650 मेगावाट तक चलाया जा रहा था। औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्ज्वल गुप्ता की टीम ने करीब 6 घंटे की जांच के बाद संकेत दिए कि उत्पादन बढ़ाने के लिए अचानक लोड बढ़ाया गया, जिससे दबाव बढ़ा और पाइप लाइन में लीकेज के कारण विस्फोट हुआ।

एंबुलेंस तक नहीं, बसों में भेजे गए घायल

घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मौके पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी। उन्हें बसों में भरकर अस्पताल ले जाया गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए। यह स्थिति आपातकालीन तैयारी की कमी को साफ दर्शाती है। मजदूरों ने बताया कि एक साल पहले टेस्टिंग के दौरान भी पाइप फटने से गैस लीक हुई थी, लेकिन उस समय पहले से सूचना होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया। इस बार उत्पादन के दौरान अचानक हुए ब्लास्ट ने कई जिंदगियां छीन लीं।