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नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी, अब भ्रष्टाचार के चार चिन्हारी : चंदेल

भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रदेश में गोठानों की हकीकत को जनता के सामने लाने २० से २३ मई तक चलबो गोठान खोलबो पोल अभियान चलाया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने अलग-अलग गोठानों में जाकर औचक निरीक्षण किया जिसमें किसी भी गोठान में एक गाय तक नहीं मिली। न तो छाया की व्यवस्था है और न ही चारा-पानी का कोई इंतजाम।

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नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी, अब भ्रष्टाचार के चार चिन्हारी :  चंदेल

नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी, अब भ्रष्टाचार के चार चिन्हारी : चंदेल

जांजगीर-चांपा. गोठान के नाम पर केवल बाउंड्रीवाल बनाकर अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। भूपेश सरकार के नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी की परिभाषा अब बदल चुकी है। जनता अब कहती है कि नरवा, गरवा, घुरवा बाडी, भ्रष्टाचार के नवा चार चिन्हारी। यह बातें छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित बीजेपी कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होने कहा कि ग्राम अमोरा का आदर्श गोठान जहां तीन-साढ़े तीन साल पहले खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आए थे, हमने उसी गोठान में जाकर स्थिति देखी। अमोरा की महिलाओं से बात कही तो उन्होंने बताया कि गोबर में मिट्टी-कंकड़ का चूरा मिलाकर खाद बनाकर बोरी में भरने कहा जाता है। यही घटिया खाद किसानों को जबरन थमाया जा रहा है। अधिकारी सरपंचों पर दबाव बना रहे हैं और मना करने पर धारा ४० का डर दिखाया जा रहा है। भूपेश सरकार से गोठान समितियों को फूटी-कौड़ी नहीं मिली। गोठान समिति का अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी ने अपने राजनीतिक व्यक्ति को बना दिया गया। गोठान समिति की ओर से प्रस्तावित नाम को दरकिनार कर दिया। प्रेसवार्ता के दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह चंदेल, वरिष्ठ नेता लीलाधर सुल्तानिया, विवेका गोपाल, अमर सुल्तानिया आदि उपस्थित थे।
शराब घोटाला के आरोपियों का नार्को टेस्ट कराया जाए
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में २००० का शराब घोटाला सामने आया है। इस मामले में हमारी सरकार से मांग है कि आरोपियों का नार्को टेस्ट कराया जाए। शराब घोटाले का पैसा किन आकाओ के पास पहुंचा है, यह सामने लाएं। नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के खिलाफ किए गए एफआईआर को गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रजात्रांतिक देश में सबको बोलने का अधिकार है। अधिकारों के लिए आवाज उठाया है, कोई आपराधिक कृत्य नहीं है। फिर से प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर दिया। तत्काल एफआईआर वापस लिया जाना चाहिए नहीं तो बीजेपी अब हर लड़ाई आगे सड़क पर ही उतर कर करेगी।