11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीपत-बलौदा-उरगा मार्ग में कुछ दिन पहले बनी पुलिया धंसी, घटिया निर्माण को लेकर विधायक ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा

इस सड़क के निर्माण का ठेका रायगढ़ के सुनील कुमार अग्रवाल को मिला है, लेकिन वह अधिक पैसे बचत करने की लालच में जनता के पैसों का बंदरबांट कर रहे हैं।

2 min read
Google source verification
सीपत-बलौदा-उरगा मार्ग में कुछ दिन पहले बनी पुलिया धंसी, घटिया निर्माण को लेकर विधायक ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा

सीपत-बलौदा-उरगा मार्ग में कुछ दिन पहले बनी पुलिया धंसी, विधायक ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा

जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ रोड डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (सीजीआरडीसी) 90.73 करोड़ रुपए की लागत से सीपत से बलौदा होते हुए उरगा तक 41.26 किलोमीटर लंबी सड़क बना रहा है। इस सड़क के निर्माण का ठेका रायगढ़ के सुनील कुमार अग्रवाल को मिला है, लेकिन वह अधिक पैसे बचत करने की लालच में जनता के पैसों का बंदरबांट कर रहे हैं। उनके द्वारा इतना घटिया स्तर का निर्माण कार्य किया जा रहा है कि सड़क की पुलिया को बने अभी अधिक समय भी नहीं हुआ और वह पुलिया धंसने लगी है। इतना ही नहीं इसी ठेकेदार की लापरवाही से दो दिन पहले बलौदा में एप्रोच पुल बह गया, जिससे महिलाओं व बच्चों तक को टूटे पुल में उतर कर आने-जाने को मजबूर होना पड़ा।

सुनील अग्रलाव द्वारा कराए जा रहे इस घटिया निर्माण की शिकायत कलेक्टर, सीजीआरडीसी के सचिव अनिल राय सहित पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत तक को है, लेकिन इसके बाद भी सभी निर्माण कार्य सही होने का दावा करते नहीं थक रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर जांजगीर विधायक मोतीलाल देवांगन ने विधानसभा में उठाया था, जिसमें खुद पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने स्वीकार किया था कि कुछ जगहों पर निर्माण में कमी पाई गई थी, जिसे सुधरवाया गया है, लेकिन मंत्री यह जवाब नहीं दे पाए कि जांच में घटिया निर्माण पाए जाने पर ठेकेदार के ऊपर क्या कार्रवाई की गई। इससे साफ है कि जनता के लगभग 100 करोड़ रुपए इस सड़क निर्माण के नाम से बर्बाद किए जा रहे हैं और इसमें अधिकारी से लेकर मंत्री तक की मिली भगत है।

Read More : Big Breaking : सौ साल पुराने पेड़ के गिरने से 130 एशियन बर्ड की मौत, जानें क्या कह रहा रेंजर

यहां धंसी पुलिया
बलौदा थाने से तीन किलोमीटर आगे कोरबा की तरफ शासकीय कॉलेज के आगे एक पुलिया का निर्माण किया गया है। इसी के ऊपर से सड़क का निर्माण भी हो चुका है। ठेकेदार ने इस सड़क में डबल कोट भी कर दिया है, जिसके बाद इसमें वाहनों का आवागमन भी हो रहा था, लेकिन बारिश होते ही यह पुलिया धंस गई, जिससे ठेकेदार के गुणवत्ताहीन निर्माण की पोल खुल चुकी है। पुलिया धंसने से उस जगह की रोड यू आकार में दब चुकी है। यह स्थिति लोगों को तो दिख रही है, लेकिन ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों को इससे कोई लेना-देना नहीं दिख रहा है।

पहले भी मिल चुकी हैं कई खामियां
सीजीआरडीसी के एसडीओ रैंक के अधिकारी एसके सतपथी ने भी यहां जांच के दौरान पहले भी कई कमियां पाईं थी। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में भी साफ किया था कि ठेकेदार को इंजीनियर साइट पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि जांच के लिए विभागीय अधिकारी ने उन्हें पत्र लिखा, लेकिन वह उसके बाद भी जांच के लिए नहीं पहुंचे। यदि यह हाल ठेकेदार के कर्मचारियों का है तो फिर निर्माण का क्या हाल होगा यह वहां की वर्तमान स्थिति बयां कर रही है।

-पुलिया धंसी है। ऐसा क्यों हुआ इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इसका कारण पता चल पाएगा- एसके सतपथी, एसडीओ, सीजीआरडीसी

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग