
किसी ने हटाया तो किसी ने मांगी मोहलत
जांजगीर-चांपा. नगरपालिका के अधिकारी कर्मचारी नायब तहसीलदार स्वाती साय के नेतृत्व में शनिवार को कचहरी चौक से अतिक्रमण हटाने निकले थे। उन्होंने छोटे मोटे ठेले खोमचे को तो हटा दिया, लेकिन जो स्थायी तौर पर दुकान बनाकर व्यवसाय कर रहे हैं उन्हें नहीं हटाया जा सका।
व्यवसायी एक दिन की मोहलत मांगते नजर आए, इसके चलते उन्हें छोड़ दिया गया। जबकि ऐसे व्यापारियों ने नगरपालिका का नोटिस लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद भी नायब तहसीलदार कार्रवाई में नरमी बरतती नजर आईं। उनका कहना था कि एकबारगी उन्हें बेदखल नहीं किया जा सकता। क्योंकि इनकी भी रोजी रोटी का सवाल है।
इसके चलते कचहरी चौक से अतिक्रमण तुरंत नहीं हटाया जा सका। अधिकारी कर्मचारी फल वाले चंद गुमटियों को हटाने में कामयाब रहे, इसके बाद वह एक-एक कर चलते बने। लिहाजा थोड़ देर बाद ही सभी दुकानें फिर सज गई।
शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में कलेक्टर व अन्य जिम्मेदार अधिकारी जरूर कदम उठा रहे हैं, लेकिन मैदानी हकीकत कुछ और ही है। अधिकारियों की बेहतर कार्यकुशलता के अभाव में शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। कुछ इसी तरह के हालात शनिवार को तब देखने को मिला जब नगरपालिका का अमला नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जांजगीर के कचहरी चौक में अतिक्रमण हटाने निकले थे।
एक्सीवेटर लेकर अमला जरूर निकल गया, लेकिन मौके पर अतिक्रमण हटाने की केवल औपचारिकता निभाई गई। कमला कचहरी चौक में जैसे ही पहुंचे इन्हें देखकर ठेले खोचते वाले खुद ब खुद अपने ठेले हटाने लगे। मौके पर तकरीबन एक दर्जन व्यवसायियों ने अपनी दुकाने हटा ली, लेकिन ऐसे व्यवसायी अडिग रहे जिन्होंने अस्थायी तौर पर दुकानें सजा ली है।
ऐसे लोगों का केवल छज्जा हटाया गया। इसके चलते केवल अतिक्रमण हटाने की औपचारिकता दिखाई दी। दबाव के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए न तो नगरपालिका के इंजीनियरों ने किसी को कहा और न ही नायब तहसीलदार कड़ाई से पेश आया। इसके चलते उनकी जग हसाई होती रही।
दुकान आवंटित करा दिया किराए में
नगरपालिका ने तकरीबन तीन दर्जन गुमटी बनवाकर बेरोजगारों को आवंटित किया था, लेकिन जिनके नाम से दुकानें आवंटित है उनके द्वारा इसे किसी दूसरों को किराए में दे रखा है। इतना ही नहीं आधे से अधिक लोग अपनी दुकानों को किसी दूसरे के पास बेच दिया है।
हद तो तब हो गई ऐसे लोग अपनी दुकान बेचकर दूसरे स्थान में ठेले लगाकर दोहरा व्यवसाय कर रहे हैं। इसके अलावा कई लोग एक दुकान तो लिया और बढ़ा-चढ़ाकर दो-दो दुकान की तरह अतिक्रमण कर लिया है। इसके चलते सड़क अतिक्रमण फैल गया है।
नहीं लिया नोटिस अब मांग रहे मोहलत
नगरपालिका ने कचहरी चौक के तीन दर्जन व्यवसायियों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया था। ऐसे व्यवसायियों ने पहले तो नोटिस लेने से इनकार कर दिया था। बाद में जब नगरपालिका शनिवार को अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो व्यवसायियों ने अधिकारियों से मोहलत मागते हुए गिड़गिड़ाते रहे, हालांकि अधिकारियों ने दबाव पूर्वक इनकी दुकानों को नहीं तोड़ा, बल्कि व्यवसायी खुद ब खुद अतिक्रमण हटा रहे थे।
रोजी रोटी का सवाल है
अतिक्रमण हटाने गई नायब तहसीलदार स्वाती साय का दिल व्यवसायियों पर पसीज गया। उनका कहना था कि एकबारगी हम अतिक्रमण नहीं हटाएंगे। क्योंकि उनकी रोजी रोटी का सवाल है। उन्हें और समय दिया जाएगा। ताकि वे अपनी दुकान व्यवस्थित कर सके। नायब तहसीलदार के इस रवैये को देखकर किसी ने अपनी दुकान से अतिक्रहण हटाया और किसी ने नहीं। इसके चलते अन्य व्यवसायियों में रोश व्याप्त था।
-अतिक्रमण किए व्यवसायियों को नोटिस दिया गया है। उन्हें दो दिन की मोहलत दी गई है। यदि व स्वयं नहीं हटाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। चूंकि रोजी रोटी का सवाल है इस कारण उन्हें मोहलत दी जा रही है।
-स्वाती साय, नायब तहसीलदार
Published on:
07 Jul 2018 05:10 pm
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